तहसील मुख्यालय पर गैस एजेंसी का कार्यालय होने के बावजूद मुुख्यालय में यहां महंगी गैस उपभोक्ताओं को मिल रही है। यह बात मंगलवार को आयोजित पूर्ति विभाग, प्रशासन, जनप्रतिनिधि और रसोई गैस आपूर्ति एजेंसियों की बैठक में उजागर हुई।
एजेंसी वितरकों ने बताया कि कर्णप्रयाग में एजेंसी का कार्यालय है, लेकिन यहां उपभोक्ताओं को गोदाम से नगर तक का ढुलान देना पड़ता है, जबकि गौचर, नौटी, गैरसैंण और नारायणबगड़ में गोदाम के बराबर दामों में गैस उपलब्ध कराई जा रही है।
रसोई गैस एजेेंसियों की ओर से चार्ज लिए जाने के बावजूद होम डिलीवरी की सेवा न दिए जाने पर एसडीएम विवेक प्रकाश ने एजेंसी संचालकों सहित जनप्रतिनिधियों और पूर्ति विभाग की संयुक्त बैठक ली।
जीएमवीएन की ओर से संचालित इंडेन गैस एजेंसी के सहायक प्रबंधक प्रदीप नेगी ने कहा कि कर्णप्रयाग को सरकार की ओर से वितरण केंद्र में शामिल नहीं किया गया है।
इसलिए एजेंसी उपभोक्ताओं से सात रुपये ढुलान चार्ज लेती है। गौचर, नारायणबगड़, नौटी और गैरसैंण का ढुलान चार्ज सरकार वहन करती है। बताया गया कि वर्ष 1996 से अब तक होम डिलीवरी के दामों को न बढ़ाने से ठेकेदारों ने होम डिलीवरी करना बंद किया हुआ है।
बैठक में होम डिलीवरी सहित चार्ज 25 रुपये करने, कर्णप्रयाग को इंडेन गैस का वितरक केंद्र स्वीकृत करने, भारत गैस के लिए नौटी, कर्णप्रयाग, लंगासू, गौचर, देवलकोट और आदिबदरी तक सप्लाई की स्वीकृति देने के प्रस्ताव पारित किए गए।
एसडीएम विवेक प्रकाश ने कहा कि जल्द प्रस्ताव डीएम को भेजे जाएंगे। साथ ही एजेंसी संचालकों से उपभोक्ताओं को गैस तोलकर, लिए गए शुल्क की रसीद और तय समय पर गैस देने के निर्देश दिए। बैठक में पूर्व जिला पंचायत सदस्य भुवन नौटियाल, राजेंद्र नेगी, अधिवक्ता जगदीश पुरोहित, रणजीत पुंडीर, पूर्ति निरीक्षक पंकज सती सहित भारत गैस नारायणबगड़ के अधिकारी मौजूद थे।