115 से अधिक छात्र-छात्राओं को मिलेगी बेहतर सुविधा
अभी जर्जर स्थिति में है स्कूल का भवन
संवाद न्यूज एजेंसी
कर्णप्रयाग। विकासखंड के राजकीय इंटर कॉलेज उज्जवलपुर को जल्द ही नया भवन मिलेगा। इसके लिए शासन ने 2.88 करोड़ रुपये की धनराशि स्वीकृत की है। निर्माण के लिए स्वीकृत धनराशि की 40 फीसदी की पहली किस्त भी जारी कर दी गई है।
स्कूल का मुख्य भवन पिछले 24 वर्षों से भू-धंसाव की चपेट में है। इसकी दीवारों पर दरारें हैं और बीम भी क्षतिग्रस्त हो गए हैं। वर्ष 2002 में बना यह भवन कभी शिक्षा विभाग को सौंपा ही नहीं जा सका। अभिभावकों का कहना है कि भवन को ध्वस्त करने के आदेश भी हुए थे। फिलहाल 115 से अधिक छात्र-छात्राएं दो छोटे टिन शेड के कमरों में पढ़ाई कर रहे हैं। ये कमरे जूनियर हाईस्कूल के लिए बने थे। प्रयोगशाला के लिए कोई कक्ष नहीं है। स्टाफ रूम, लाइब्रेरी, कार्यालय और प्रधानाचार्य कार्यालय एक ही हॉल में हैं। उज्जवलपुर इंटर कॉलेज में सेम, तोप, भटोली, खगेली, रामधार और सिरोली सहित आसपास के गांवों से विद्यार्थी आते हैं। इनकी संख्या 115 से अधिक है। जर्जर भवन के कारण शिक्षकों और छात्रों को खतरे के साये में पढ़ाई करानी पड़ रही थी। अभिभावक संघ के अध्यक्ष राजेंद्र सिंह सगोई ने भवन निर्माण के लिए धनराशि स्वीकृत करने पर सरकार का आभार जताया। इससे छात्र-छात्राओं को पर्याप्त कक्षा कक्ष उपलब्ध हो पाएंगे। कर्णप्रयाग विधायक अनिल नौटियाल का कहना है कि जीआईसी उज्जवलपुर के लिए अभी पहली किस्त के तहत 1.15 करोड़ की धनराशि की गई है। जल्द भवन का निर्माण कर दिया जाएगा।