भगवान आदिबदरीनाथ की पूजा अर्चना के साथ ही रविवार को तीन दिवसीय नौठा कौथिग शुरू हो गया है।
कौथिग के पहले दिन छात्र-छात्राओं ने सांस्कृतिक कार्यक्रम प्रस्तुत किए। वहीं मशकबीन, ढोल दमाऊं और अन्य लोक वाद्य यंत्रों के साथ रैली निकालकर पारंपरिक संस्कृति के प्रचार पर भी जोर दिया गया।
मेले का उद्घाटन करते हुए विधानसभा उपाध्यक्ष डा. अनुसूया प्रसाद मैखुरी ने बिना किसी आर्थिक सहायता के मेला आयोजित करने पर समिति की सराहना की।
उन्होंने कहा कि मेले विकास का मार्ग भी प्रशस्त करते हैं। इससे पूर्व आदिबदरीधाम के मुख्य मंदिर में पं. चक्रधर थपलियाल ने वैदिक मंत्रोचार के साथ पूजा अर्चना की।
कौथिग में जीआईसी आदिबदरी की छात्राओं ने स्वागत गीत, प्राथमिक विद्यालय आदिबदरी के बच्चों ने स्याली बंपाली... और प्राथमिक विद्यालय खाल के छात्र-छात्राओं ने रानीखेता रामढ़ोला.. गीत प्रस्तुत किया।
ज्ञानोदय पब्लिक स्कूल के बच्चों और शैलजा सांस्कृतिक कला मंच पौड़ी के कलाकारों ने सांस्कृतिक कार्यक्रम प्रस्तुत किए। भलसों और नगली के महिला मंगल दलों ने भगवान आदिबदरीनाथ पर आधारित नौठा नारेण झामको..., चौंफला गीत की भी प्रस्तुति दीं।
इस मौके पर आयोजक समिति के अध्यक्ष विजयेश नवानी, डा. ताजवर पडियार और त्रिलोक सिंह खत्री, अर्जुन पुरस्कार विजेता सुरेंद्र कनवासी, राजेंद्र सगोई, गढ़वाल मंडल विकास निगम के निदेशक सुरेश बिष्ट, सुरेश डिमरी आदि मौजूद थे।
इस अवसर पर कृषि विभाग, समाज कल्याण, स्वास्थ्य, सर्वशिक्षा सहित 15 से अधिक विभागों ने प्रदर्शनी लगाकर लोगों को जानकारियां दीं।
सीएम ने फोन से किया संबोधित
नौठा कौथिग के लिए उद्घाटन के लिए सीएम हरीश रावत को आना था, लेकिन राष्ट्रपति के प्रदेश दौरे को लेकर सीएम कार्यक्रम में नहीं पहुंच सके।
उन्होंने फोन से ही जनसभा को संबोधित करते हुए क्षेत्र की विभिन्न मांगें स्वीकृत करने और अगले नौठा कौथिग में आने का आश्वासन दिया।