नारायणबगड़ के रैंस गांव में नागिनी माता की दयोरा यात्रा निकालते श्रद्वालु।
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भव्य जलकलश यात्रा के साथ नैणी देवी की दिवारा यात्रा शुरू हो गई। मंगलवार को घट उद्भव के साथ यात्रा का आगाज हुआ। कड़ाकोट पट्टी के रैंस गांव मेें क्षेत्र के नौ गांवों की ओर से 40 वर्ष बाद नैणी देवी (नागिनी माता) की दिवारा यात्रा (ध्याणी मिलन) आयोजित की गई है।
सुबह पूजा अर्चना के बाद भूमियाल देवता जल कलश यात्रा के साथ रैंस गांव पहुंचे। जहां पर ध्याणियों ने देवता का स्वागत किया। इसके बाद नैणी देवी घट उद्भव स्थान पर विराजमान हुए। जहां पुजारी विशंबर सती और आचार्यों ने 40 वर्ष पूर्व भूमिगत किए गए घट (घड़े) को नैणी माता की डोली में रखा।
भूमियाल देवता की अगुवाई में नैणी देवी की डोली को मंदिर में लाया गया। नैणी माता सेवा समिति के अध्यक्ष राजेंद्र सिंह मिंगवाल ने बताया कि विजया दशमी तक रैंस गांव में नैणी माता की पूजा की जाएगी। इसके बाद देवी 180 दिवसीय ध्याण यात्रा मिलन के लिए गांवों को प्रस्थान करेगी। इस मौके पर विधायक डा. जीतराम, प्रधान रजनी देवी, अवतार सिंह फर्स्वाण, वृज भूषण बुटोला, सुख देव सिंह भंडारी, सतेश्वरी देवी आदि मौजूद थे।