उत्तरायणी सांस्कृतिक मेला मंगलवार को रंगारंग सांस्कृतिक कार्यक्रमों के साथ संपन्न हो गया। बधाणी संस्था के कलाकारों ने पांडव नृत्य की जीवंत प्रस्तुति देकर दर्शकों को मंत्रमुग्ध किया। लोकगायक प्रदीप बुटोला ने पहाड़ की आराध्य मां नंदा देवी के गीत नंदा तेरी जात कैलाश लिजौला सज-धजी कै... गाकर दर्शकों को भावुक कर दिया।
मेले के समापन पर पेयजल अनुश्रवण समिति के उपाध्यक्ष रिपुदमन रावत भी शामिल हुए। उन्होंने कहा कि लोक संस्कृति के संरक्षण व संवर्द्धन में मेलों की महत्वपूर्ण भूमिका है। उन्होंने सीएम त्रिवेंद्र सिंह रावत की ओर से मेला समिति को एक लाख रुपये देने की घोषणा की। इस दौरान हुए सांस्कृतिक कार्यक्रमों में लोकगायक प्रदीप बुटोला के नंदा तेरी जात कैलाश लिजौला सज-धजी के... गीत से माहौल नंदामय हो गया। उन्होंने अपने गीत से नंदा राजजात का भावपूर्ण वर्णन किया। उन्होंने पधानों की नौनी लछिमा..., ना छुपियां रयां गौं मा... गीत गाकर दर्शकों को झूमने पर मजबूर कर दिया। प्रकाश एंड पार्टी, प्रेम पुरोहित, भवान सिंह ने उत्तरैंणी कौथिग..., ऐ जेई मेरी सरूली... आदि गीत गए। दिनेश नेगी ने गढ़वाली लोक गीतों की श्रृंखला प्रस्तुत की। ममंद की महिलाओं ने बाटा लगी बरात चल बैठ डोली मां..., नाची गैना मेरा भोला बाबा..., नाजा-नाजा तैं भेलू-पाखों..., आई पंचमी चैता की..., ते नीती बोर्डर मांजी कन के रैलू... गीतों की शानदार प्रस्तुति दी। इस मौके पर यशपाल नेगी, डा. हरपाल नेगी, कुशलानंद सती, देवेंद्र नेगी, एमएन चंदोला, सूरी बिष्ट, लक्ष्मी देवी, हेमलता नेगी, शारदा देवी, पुष्पा देवी, मोनू सती, सरिता देवी, दलवीर रावत, केसी पांडेय, दरवान गुसांई, जयवीर बुटोला, हरि नेगी, शिशुपाल बिष्ट आदि मौजूद थे।