घी संक्रांति के अवसर पर की गई कार्यक्रम की घोषणा
संवाद न्यूज एजेंसी
थराली। बुधवार को घी संक्रांति के अवसर पर इस वर्ष होने वाली नंदा राजराजेश्वरी लोकजात यात्रा के कार्यक्रम की घोषणा की गई। सिद्धपीठ कुरूड़ व देवराड़ा मंदिर समिति के पदाधिकारियों एवं गौड़ ब्राह्मणों ने नंदा लोकजात यात्रा का शुभ मुहूर्त निकाला। यात्रा 9 सितंबर से कुरूड़ से शुरू होगी जो 29 सितंबर तक चलेगी।
कुरूड़ मंदिर समिति के अध्यक्ष नरेश गौड़ व देवराड़ा के भुवन हटवाल ने बताया कि नौ सितंबर शनिवार को भाद्रपद कृष्णपक्ष की दशमी तिथि को विधिवत पूजा-अर्चना के बाद देवी की डोली गर्भगृह से बाहर आएगी और अपने पहले पड़ाव चरबंग के लिए प्रस्थान करेगी। इससे पहले सात से नौ सितंबर तक सिद्वपीठ कुरूड़ देवी मंदिर में तीन दिवसीय भव्य मेले का आयोजन होगा। सात सितंबर को नंदा राजराजेश्वरी का शृंगार किया जाएगा। यात्रा 16 सितंबर को देवाल ब्लॉक के कोठी गांव होते धरातल्ला, 17 को बेराधार, 18 को फल्दियागांव, 19 को मुंदोली, 20 को आबादी के अंतिम गांव वाण 21 को गैरोली पातल व 22 सितंबर की सुबह वेदनी पहुंचेगी। 21 पड़ावों से होते हुए 29 सितंबर को अपने ननिहाल सिद्वपीठ देवराड़ा में डोली विराजमान हो जाएगी। उत्तरायण को देवी की डोली देवराड़ा से कुरूड़ को रवाना होगी।
... तो बदहाल रास्तों से होकर गुजरेगी यात्रादेवाल। इस बार नंदा देवी राजराजेश्वरी लोकजात यात्रा 9 सितंबर से शुरू हो रही है जो विभिन्न रास्तों से होते हुए 22 सितंबर को वेदनी पहुंचेगी। मगर इस बार यात्रियों को बदहाल रास्तों से ही यात्रा करनी पड़ेगी। यात्रा मार्ग पर कई पैदल मार्ग व पुलिया भी क्षतिग्रस्त हैं। ग्रामीणों ने यात्रा शुरू होने से पहले रास्तों को दुरुस्त करने की मांग की। यात्रा नौ सितंबर को सिद्धपीठ कुरूड़ मंदिर से शुरू होगी और 14वें दिन वेदनी बुग्याल पहुंचेगी। कुलिंग के भुवन बिष्ट ने कहा कि इस यात्रा मार्ग के अखोड़ी गदेरे पर बनी लोहे की पुलिया 13 अगस्त को बह गई है। वाण के हीरा पहाड़ी ने कहा कि कुलिंग-वाण यात्रा का पैदल मार्ग तल्ला मालधर खतरनाक बना है। कर्जबगण से वाण जाने वाली पुलिया भी बह गई है। तहसीलदार प्रदीप नेगी ने कहा कि वाण गांव में बैठक कर ग्रामीणों से बातचीत भी की गई। सर्वेक्षण कर रिपोर्ट तैयार की जा रही है। यात्रा से पहले क्षतिग्रस्त मार्गो को ठीक कर लिया जाएगा। संवाद