चमोली जिले में रुक-रुककर हो रही बारिश से 55 सड़कें अवरुद्ध हैं। इससे ग्रामीणों की दिक्कतें बढ़ने लगी हैं। बीमार होने पर मरीजों को कंधे पर अस्पताल ले जाना पड़ रहा है तो जरूरी सामान लाने के लिए भी पांच से दस किमी की दूरी पैदल नापनी पड़ रही है। अगर सड़कें जल्दी नहीं खुली तो गांवों में खाद्यान्न का संकट गहरा सकता है।
हाल ही में रांगतोली ग्राम पंचायत के पोल गांव निवासी हिम्मत सिंह की पत्नी कुंती देवी (30) की तबीयत बिगड़ने पर ग्रामीणों ने उन्हें कुर्सी के सहारे कंधे पर करीब चार किलोमीटर पैदल चलकर सड़क तक पहुंचाया। इसके बाद कुंती को वाहन से जिला अस्पताल पहुंचाया गया। चमोली-सरतोली सड़क बंद होने के कारण यह परेशानी हुई।
वहीं नंदानगर घाट क्षेत्र में दूरस्थ गांवों को जोड़ने वाली सड़कें बंद पड़ी हैं। ग्रामीणों को जरूरी सामग्री के लिए भी पांच से दस किलोमीटर की पैदल दूरी तय करनी पड़ रही है। नंदानगर में घाट-रामणी सड़क पर चरबंग गांव के समीप सड़क पर लगातार भूस्खलन हो रहा है जिससे ग्रामीण पैदल चलने के लिए मजबूर हैं। घाट-भेंटी सड़क पर मलबा आने से छोटे वाहनों की आवाजाही बमुश्किल हो पा रही है।
रामणी गांव के ग्राम प्रधान सूरज पंवार ने बताया कि वाहन चालक जान जोखिम में डालकर क्षेत्र में खाद्यान्न पहुंचा रहे हैं। अगर जल्द सड़क नहीं खुली तो संकट गहरा सकता है। पुरसाड़ी-पलेठी, गौणा-भनाली, लंगसी-गुलाबकोटी, गडोरा-अमरपुर-कम्यार, डुंगरी-बिजराकोट-छिनका, नंदप्रयाग-घाट-सुतोल-कनोल, घाट-उस्तोली-सरपाणी, घाट-धुर्माकुंडी जैसी महत्वपूर्ण सड़कें भी बंद हैं। इधर, जिला पूर्ति अधिकारी जसवंत खंडूड़ी ने बताया कि जिलाधिकारी के निर्देश पर दूरस्थ क्षेत्रों के 200 गांवों में अगस्त तक की रसद आपूर्ति एडवांस में कर दी गई है।
चमोली जिले में कई जगहों पर भूस्खलन से पेयजल लाइनें टूट गई हैं। अमृत गंगा पेयजल योजना से दूसरे दिन भी पेयजल की सप्लाई न होने से लोगों को दिक्कतों का सामना करना पड़ा। हालांकि कुछ मोहल्लों में सप्लाई सुचारु कर दी गई है लेकिन जल निगम कॉलोनी, मुख्य बाजार की तरफ दिक्कत बरकरार है। इसके अलावा कर्णप्रयाग उम्मटा में पेयजल लाइन क्षतिग्रस्त होने से पेयजल सप्लाई बाधित है। यहां जल संस्थान की ओर से टैंकरों से पानी की सप्लाई की जा रही है। संवाद
भूस्खलन से तार टूटने के कारण कई गांवों में बिजली आपूर्ति भी बाधित है। निजमुला घाटी के पाणा, ईराणी, चलथर और मैठाणा में, जोशीमठ क्षेत्र के घांघरिया, पुलना, भ्यूंडार और जंगलचट्टी में बिजली लाइन क्षतिग्रस्त है। ऐसे में हेमकुंड यात्रा पड़ावों पर अंधेरा पसरा है। वहीं पोखरी ब्लाक के भदूड़ा गांव और नंदानगर ब्लाक के आठ गांवों में बिजली सप्लाई बंद पड़ी है। यहां लाटूगैर, लांसी, चरी, मल्लाबारों, घूनी, रामणी, पडेरगांव और बूरा गांव में बुधवार रात से बिजली नहीं है। संवाद
जिलाधिकारी की ओर से सभी निर्माणदायी संस्थाओं को शीघ्र सड़कें सुचारु करने के निर्देश दिए गए हैं। कई सड़कों से मलबा तो हटा लिया गया है लेकिन पुश्ते क्षतिग्रस्त होने के कारण वाहनों की आवाजाही के लिए वैकल्पिक व्यवस्था कराई जा रही है। मौसम ने साथ दिया तो शीघ्र सड़कों को सुचारु कर लिया जाएगा। -नंद किशोर जोशी, जिला आपदा प्रबंधन अधिकारी।