अभी एक किमी पैदल चलकर हेमकुंड साहिब जा रहे हैं श्रद्धालु
इसी वर्ष पांच मार्च को चट्टान टूटने से क्षतिग्रस्त हो गया था पुल
संवाद न्यूज एजेंसी
गोपेश्वर। हेमकुंड साहिब की यात्रा के प्रवेश द्वार गोविंदघाट में अलकनंदा पर 105 मीटर लंबा मोटर पुल का निर्माण होगा। इसके लिए लोक निर्माण विभाग ने गोविंदघाट गुरुद्वारे के समीप अलकनंदा के किनारे मिट्टी का परीक्षण किया जा रहा है। सब ठीक रहा तो इस वर्ष के अंत तक पुल निर्माण कार्य भी शुरू हो जाएगा।
गोविंदघाट में अलकनंदा के दूसरे छोर से तीर्थयात्री और पर्यटक हेमकुंड साहिब और फूलों की घाटी के लिए जाते हैं। भ्यूंडार और पुलना गांव के ग्रामीण भी यहीं से आवाजाही करते हैं। इसी वर्ष पांच मार्च में गोविंदघाट के सामने चट्टान टूटकर अलकनंदा नदी पर बने पुल पर गिर गई थी और पुल अलकनंदा नदी में गिर गया था। तीर्थयात्रा को देखते हुए लोनिवि ने अलकनंदा पर बैली ब्रिज का निर्माण किया। हालांकि इस पुल से वाहनों की आवाजाही नहीं हो पा रही है जिससे श्रद्धालुओं व पर्यटकों को करीब एक किलोमीटर की पैदल दूरी तय करनी पड़ रही है। अब लोनिवि ने गोविंदघाट में अलकनंदा पर टैक्सी पार्किंग के समीप 105 मीटर लंबे मोटर पुल निर्माण का प्रस्ताव तैयार किया है। इसे शासन को भी भेज दिया गया है। यहां मिट्टी का परीक्षण भी शुरू कर दिया गया है। वहीं लोनिवि के अधिशासी अभियंता नवीन ध्यानी ने बताया कि जल्द पुल निर्माण की कार्रवाई शुरू की जाएगी। प्रथम चरण में मिट्टी का परीक्षण किया जा रहा है।