पोखरी। देवभूमि उद्यमिता योजना के तहत पीजी कॉलेज नागनाथ पोखरी में एक दिवसीय कार्यशाला हुई जिसमें छात्र-छात्राओं को स्वरोजगार और उद्यमिता के लिए प्रेरित किया गया।
देवभूमि उद्यमिता के नोडल अधिकारी डॉ. अभय कुमार श्रीवास्तव ने उद्यमिता में चुनौतियों और संभावनाओं की जानकारी दी। कहा कि लक्ष्य को हासिल करने के लिए 80 प्रतिशत दृढ़ मानसिकता और 20 प्रतिशत धन की जरूरत होती है। स्थानीय उद्यमियों की सफल कहानियों के उदाहरण देकर नौकरी और स्वरोजगार की तुलना की। कॉलेज के कर्मचारी दीपक सिंह ने मौन पालन से लाभ और चुनौतियों से मिले मानसिक संतुलन को विस्तार से बताया। प्राचार्य डॉ. रीटा शर्मा ने स्थानीय स्तर पर उपलब्ध अवसरों की पहचान कर उन्हें आगे बढ़ाने पर जोर दिया। इस दौरान देवभूमि उद्यमिता के सदस्य डॉ. अनिल कुमार, डॉ. रेनू सनवाल, डॉ. अंशु सिंह, डॉ. आरती आदि मौजूद रहे। संचालन डॉ. कंचन सहगल ने किया।