धरगांव, भेंटी, नारंगी और उस्तोली गांवों से विदा लेने के बाद आराध्य देवी मां नंदा सुदूर गांवों में पहुंचीं। रविवार को दशोली की मां नंदा धरगांव से विदा लेने के बाद रात्रि प्रवास के लिए लुंतरा गांव और बधाण की मां नंदा भेंटी गांव से बंगाली गांव होते हुए डुंगरी गांव पहुंची। ध्याणियों ने राजी-खुशी राखी नंदा, मेरु कुटुंब परिवार.., जै मां नंदा, जा तें ऊंचा कैलाश... समेत कई मांगल गीत गाए। मां नंदा को महिलाओं ने शृंगार सामग्री भेंट की। इस दौरान ग्रामीणों ने मां नंदा से विश्वभर को कोरोना महामारी से मुक्ति दिलाने की कामना की। महिला मंगल दल की महिलाओं के साथ ही युवाओं ने कीर्तन-भजन किए। पंडित मंशाराम गौड़ ने बताया कि आपदा से कई जगहों पर यात्रा पड़ाव क्षतिग्रस्त पड़े हैं, जिससे यात्रा के दौरान दिक्कतें हो रही हैं। वहीं, पीपलकोटी क्षेत्र में सिद्धपीठ कुरुड़ से निकली मां नंदा की छंतोली (मां नंदा का प्रतीक) ने मायापुर में भक्तों को दर्शन दिए। इस दौरान दीपा देवी, नवीन मिश्रा, पीएस रावत, गुड्डू राम, पुष्पा देवी आदि मौजूद थे।