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मां और बेटी सहित 1

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देवाल के फल्दिया गांव मे बादल फटने से मलबे से क्षतिग्रस्त हुए आवासीय मकान। - फोटो : KARNPRYAG
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चमोली जिले में देवाल ब्लॉक के फल्दिया गांव में बृहस्पतिवार रात बादल फटने से भारी तबाही मची है। मां और बेटी मलबे के सैलाब में दबकर लापता हो गईं। दिनभर खोजबीन के बाद भी उनका पता नहीं चल सका है। 12 मकान और तीन पुलिया सहित संपर्क मार्ग मलबे में समा गए। क्षेत्र में बिजली और पानी की सप्लाई ठप पड़ी है। हरिपुर, कलपट्टा, पदमल्ला, हाटकल्याणी, तलौर, ल्वाणी आदि गांवों में भी मकान और गोशालाएं क्षतिग्रस्त हो गए हैं। ल्वाणी गांव का मत्स्य पालन केंद्र भी सुरक्षित नहीं बचा। बगड़ीगाड़ डिग्री कॉलेज में करीब 20 कमरों में मलबा भर गया है। डीएम और एसडीएम ने मौके मुआयना कर स्थिति का जायजा लिया।
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ग्रामीणों ने बताया कि बृहस्पतिवार को क्षेत्र में शाम से ही तेज बारिश हो रही थी। पूरे क्षेत्र में बिजली नहीं थी। देर रात करीब 10 बजे बमणबेरा गांव के ऊपर चीड़ के जंगल में बादल फटने के बाद तेज गर्जना के साथ मलबे का सैलाब फल्दिया गांव के पास आया तो गांव में अफरातफरी मच गई। लोग जान बचाने को घरों से भागने लगे। इसी दौरान रमेश राम का मकान मलबे की चपेट में आ गया। जान बचाने को रमेश राम अपनी बुजुर्ग माता और दिव्यांग बेटी को तेजी से बाहर लेकर निकल पड़ा। उसके पीछे उसकी पत्नी पुष्पा देवी (27 वर्ष), बेटी ज्योति (7 वर्ष) और परिवार के अन्य बच्चे भी चल पड़े, तभी पुष्पा देवी और उसकी बेटी ज्योति मलबे में दब गईं। एनडीआरएफ, एसडीआरएफ और स्थानीय पुलिस के दिनभर रेस्क्यू अभियान चलाने के बाद भी मां-बेटी का पता नहीं चल सका है।
गांव में 12 मकान, आठ गोशालाएं और 18 पशु भी मलबे में जमींदोज हो गए। एसडीएम केएस नेगी ने बताया कि रमेश राम, गोपाल राम, महिपाल, दलीपराम, मुन्ना राम, नंदन राम, लक्ष्मण सिंह, कुंदन सिंह, हीरा राम के मकान मलबे में दब गए हैं, जबकि बलबीर राम और मुन्नी देवी के मकानों को आंशिक क्षति पहुंची है। रमा देवी और महेशी देवी सहित अन्य कई लोगों के करीब 18 पालतू पशु मलबे में दब गए।
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विधायक मुन्नी देवी शाह, पूर्व विधायक डॉ. जीतराम, निवर्तमान प्रमुख उर्मिला बिष्ट, मनीष खंडूड़ी, माहाबीर सिंह, इंद्र राणा, लखन रावत, गिरीश मिश्रा, दर्शन दानू, देवी जोशी, गोविंद पांगती, सुशील रावत, केडी मिश्रा, जीवन मिश्रा आदि ने मौके पर जाकर मदद का भरोसा दिलाया।
इन गांवों को भी हुआ नुकसान----
देवाल क्षेत्र में भारी बारिश से हरिपुर में केदारदत्त और प्रकाश चंद्र का मकान और आठ गोशाला को नुकसान हुआ है। कलपट्टा गांव में हंसा प्रसाद की मकान में मलबा भर गया है और गोशाला दबने से तीन गायें भी मलबे में दब गई हैं। हाटकल्याणी में दयाल सिंह की मकान के आगे भारी भूस्खलन हुआ है। पदमल्ला गांव में भी बारिश से नुकसान हुआ है।
देवाल क्षेत्र में ये सड़कें हुई हैं बंद-----
भारी बारिश से देवाल-मुंदोली, लोहाजंग-वांण, देवाल-खेता, देवाल-सवाड़, हाटकल्याणी-बेराधार, लोहाजंग-बांक आदि सड़कें भारी मलबा आने से बंद पड़ी हैं।
इन गांवों में पेयजल आपूर्ति है बंद
फल्दिया गांव, हुलंगरा, हाटकल्याणी, सेलखोला, इच्छोली, देवाल आदि गांवों में पानी की लाइनें क्षतिग्रस्त हो गई हैं। प्राकृतिक स्रोत भी मलबे में दब गए हैं। ग्रामीण गदेरों का पानी पीने को मजबूर हैं।
ग्रामीणों ने उठाई पुनर्वास की मांग
फल्दिया गांव के ग्रामीणों और क्षेत्र के जन प्रतिनिधियों ने जिलाधिकारी से फल्दिया, झलिया और कुलिंग गांव के पुनर्वास की मांग की है। ग्रामीणों ने कहा कि क्षेत्र में लगातार प्राकृतिक आपदाएं आ रही हैं। पूरा क्षेत्र भूगर्भीय दृष्टि से संवेदनशील बना है। झलिया के लोग एक साल से लाटूतोली स्थान पर टेंटों में रहने को मजबूर हैं और कुलिंग गांव का एक साल बाद भी पुनर्वास नहीं हुआ है।
कोट---------------------
फल्दिया गांव के 40 प्रभावितों को जैनबिष्ट के स्वास्थ्य केंद्र में ठहराया गया है। लोनिवि को तुरंत बंद हुई सड़कों को खोलने और फल्दिया गांव को अन्य क्षेत्रों से जोड़ने वाली पुलिया सहित अन्य पुलों को बनाने के आदेश दे दिए गए हैं। साथ ही प्रभावित 14 परिवारों को 3800 रुपये की अहेतुक धनराशि के चेक भी दे दिए गए हैं। सभी परिवारों को खाद्यान्न सामग्री, कपड़े, दवाइयां और टेंट उपलब्ध करा दिए जाएंगे। पशुपालन विभाग को मृत पशुओं को दफनाने सहित क्षेत्र में बिजली, पानी की सप्लाई बहाल करने के निर्देश दिए गए हैं।
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-स्वाति एस भदौरिया, जिलाधिकारी, चमोली

देवाल के फल्दिया गांव मे बादल फटने से आए मलबे मे यूं दबी मोटर साईकिलें।- फोटो : KARNPRYAG

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