गोपेश्वर। ठंड बढ़ने के साथ ही नीती-माणा घाटी के ग्रामीण अपने शीतकालीन प्रवास पर लौटने लगे हैं। माणा को छोड़कर अधिकांश गांवों में सन्नाटा पसर चुका है। बदरीनाथ धाम के कपाट बंद होने के साथ ही माणा से भी ग्रामीण निचले स्थानों पर लौट आएंगे।
सर्दियों में नीती-माणा घाटी के ग्रामीण शीतकालीन प्रवास पर आ जाते हैं। सर्दियों में यहां कड़ाके की ठंड पड़ती है और बर्फ से अधिकांश गांव ढक जाते हैं। हालांकि अभी बर्फ तो नहीं पड़ी है लेकिन ठंड के कारण्क्ष त्र में बहने वाले गदेरे व झरने जमने लगे हैं। नीती, बांपा, गमशाली, फरकिया, कागा सहित नीती घाटी के ज्यादातर गांव के लोग निचले स्थलों पर आ चुके हैं। कुछ गांवों में गिने चुने लोग ही रह गए हैं वे भी जल्द निचले क्षेत्राें में शीतकालीन प्रवास पर आ जाएंगे। अप्रैल माह में बर्फ पिघलने पर लोग गांवों की ओर लौटेंगे। संवाद