बदरीनाथ धाम के दर्शनों की मांग कर रहे मौनी बाबा और स्वामी ब्रह्मचारी का आमरण अनशन बृहस्पतिवार को 12वें दिन भी जारी रहा। चौथे दिन भी अनशनकारी साधुओं ने जल ग्रहण नहीं किया। वहीं, अनशनकारी संतों की मांगों पर देवस्थानम बोर्ड की ओर से अभी तक कोई कार्रवाई नहीं की गई है। मौनी बाबा ने एक वीडियो जारी कर कहा कि देवस्थानम बोर्ड की ओर से बदरीनाथ धाम का चरणामृत (प्रसाद) देने के बाद उनका अनशन स्थगित कर देने का भ्रामक प्रचार किया जा रहा है।
दोनों अनशनकारी साधु अपने-अपने आश्रम में अनशन कर रहे हैं। बृहस्पतिवार को मौनी बाबा ने एक वीडियो जारी कर अपना अनशन न खत्म करने की बात कही है। उन्होंने कहा कि अनशन के कारण उनका करीब आठ किलोग्राम वजन घट गया है, यदि उनके साथ कोई भी अनहोनी हुई तो इसकी जिम्मेदारी शासन-प्रशासन की होगी। मौनी बाबा का कहना है कि प्राचीन काल से ही गुरु परंपरा है कि बदरीनाथ धाम के दर्शनों के बाद ही बदरीनाथ धाम में रह रहे साधु-संत अन्न ग्रहण करते हैं, लेकिन देवस्थानम बोर्ड की ओर से उन्हें बदरीनाथ जी के दर्शनों की अनुमति नहीं दी जा रही है।
कौन हैं मौनी बाबा
गोपेश्वर। बदरीनाथ में अनशनरत मौनी बाबा बदरीनाथ धाम में लाल बाबा आश्रम में रहते हैं। यह आश्रम बामणी गांव के समीप नीलकंठ पर्वत की तलहटी में स्थित है। मौनी बाबा नागा सन्यासी हैं और वर्ष 1990 से बदरीनाथ धाम में निवासरत हैं। शीतकाल में बदरीनाथ धाम के कपाट बंद होने के बाद भी वे धाम में ही तपस्यारत रहते हैं। गत वर्ष कोरोना काल के चलते वे मैदानी क्षेत्र में चले गए थे, इस वर्ष फिर धाम में पहुंचे हैं। उन्होंने 12 साल तक बदरीनाथ धाम में मौन व्रत भी धारण किया था, जिसके बाद वे मौनी बाबा के नाम से पहचाने जाने लगे। वर्ष 2010 में उन्होंने अपना मौन खोला था। जब ग्रीष्मकाल में बदरीनाथ की तीर्थयात्रा संपन्न होती है तो उनके शिष्य उन्हें शीतकाल के लिए छह माह का खाद्यान्न का भंडारण करते हैं। मौनी बाबा के गुरु दिगंबर गंगा भारती का आश्रम भी नारायण पर्वत पर ही स्थित है। वे अस्वस्थ होने के कारण लंबे समय से मध्य प्रदेश में स्वास्थ्य लाभ ले रहे हैं।
कोट
प्रशासन की ओर से लगातार अनशनकारी साधुओं के स्वास्थ्य की जांच की जा रही है। बुधवार को बदरीनाथ धाम परिसर में अनशनकारी साधुओं की ओर से बदरीनाथ धाम का प्रसाद ग्रहण किया गया और अनशन समाप्त किया गया, लेकिन वे फिर से अनशन पर बैठ गए हैं। बदरीनाथ के दर्शनों का निर्णय देवस्थानम बोर्ड की ओर से लिया जाना है। - डीएम स्वाति एस भदौरिया, चमोली।
कोट
बदरीनाथ धाम परिसर में बदरीनाथ जी का प्रसाद ग्रहण किया था, लेकिन अनशन नहीं तोड़ा था। अभी भी अनशन जारी है। बदरीनाथ जी के दर्शनों के बाद ही अनशन स्थगित किया जाएगा। - अनशनकारी मौनी बाबा, बदरीनाथ धाम।