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कर्णप्रयाग। सरस्वती शिशु मंदिर में शिशु वाटिका प्रदर्शनी का आयोजन किया गया। इस दौरान बच्चों ने स्वच्छता पर पेंटिंग भी प्रस्तुत की। साथ ही सांस्कृतिक प्रस्तुतियां देते हुए स्वच्छता का संदेश दिया। साथ ही शिक्षकों, बच्चों और अभिभावकों ने शिशु वाटिका में बच्चों को प्रयोग कर सीखने की कला विकसित करने पर जोर दिया। कार्यक्रम में मुख्य वक्ता विद्या भारती के शिशु वाटिका के प्रांत प्रमुख मुरलीधर चंदोला ने कहा कि यूरोपीय देशों की शिक्षा नर्सरी, केजी है जबकि भारतीय शिक्षा शिशु वाटिका है जिसमें पहले सुनना, बोलना, पढ़ना और अंतिम चरण में लिखना सिखाया जाता है। चंदोला ने नई शिक्षा नीति 2020 के तहत अभिभावकों को कई जानकारियां दीं। कार्यक्रम में आरएसएस के जिला कार्यवाह विष्णुदत्त भट्ट, सेवानिवृत्त शिक्षक बीएन डिमरी, पुरुषोत्तम कोठियाल, प्रधानाचार्य संजय थपलियाल, दिनेश उनियाल और एमएमस कंडारी आदि मौजूद थे। संवाद