स्थायी राजधानी बनाने की मांग के लिए प्रदर्शन करने वाले आंदोलनकारियों को जेल भेजने के विरोध में बृहस्पतिवार को लोगों का गुस्सा सड़कों पर फूट पड़ा। विरोध में बृहस्पतिवार को गैरसैंण, माईथान और मेहलचौंरी में बाजार बंद रहे जबकि रामगंगा टैक्सी यूनियन ने वाहनों का संचालन बंद रखा और सरकार के विरोध में नारेबाजी की। गैरसैंण के रामलीला मैदान में व्यापारियों और स्थानीय लोगों ने धरना भी शुरू कर दिया। लोगों ने आंदोलनकारियों पर दर्ज मुकदमे वापस लेने और उन्हें जेल से रिहा करने की मांग उठाई।
बृहस्पतिवार को व्यापारियों ने सरकार के विरोध में गैरसैंण, मेहलचौंरी और माईथान बाजारों में अपने-अपने व्यापारिक प्रतिष्ठान बंद रखे। इस दौरान रानीखेत, अल्मोड़ा, नैनीताल आदि शहरों की तरफ से बदरीनाथ और हेमकुंड यात्रा पर आने वाले श्रद्धालुओं और स्थानीय लोगों को परेशानियों का सामना करना पड़ा। इन तीनों बाजारों में चाय, दूध सहित सभी छोटी-बड़ी दुकानें बंद रहीं। लोग बच्चों के लिए दूध लेने को भटकते रहे। विरोध में लोगों ने मेहलचौंरी में सरकार का पुतला फूंका। गैरसैंण में लोगों ने सरकार के विरोध में धरना शुरू कर दिया है। नाराज लोगों ने कहा कि सरकार गैरसैंण राजधानी के मुद्दे को हाशिये पर लाना चाह रही है, लेकिन वे ऐसा नहीं होने देंगे और शहीदों के सपनों को साकार कर गैरसैंण राजधानी बनवाकर ही रहेंगे। इस मौके पर कांग्रेस ब्लाक अध्यक्ष केएस बिष्ट, सुरेंद्र बिष्ट, सुरेश बिष्ट, टैक्सी यूनियन के अध्यक्ष दान सिंह, दर्शन मढवाल, व्यापार संघ महामंत्री मुकेश ढौंडियाल, जगदीश टम्टा, अजीत शाह, बिरेंद्र बिष्ट, चैत सिंह, सुरेंद्र लाल, संतराम आदि तमाम लोग मौजूद रहे।
ये है मामला
दो साल पहले गैरसैंण के भराड़ीसैंण में सत्र के दौरान लोगों ने गैरसैंण को स्थायी राजधानी बनाने की मांग के लिए प्रदर्शन किया था। पुलिस ने 38 आंदोलनकारियों के खिलाफ कर्णप्रयाग-नैनीताल हाईवे जाम करने, और सरकारी कार्य में बाधा डालने के आरोप में मुकदमा दर्ज किया था। उसके बाद गैरसैंण कोर्ट में आरोपियों के खिलाफ चार्जशीट पेश की थी। मामले में बुधवार को आंदोलनकारियों को कोर्ट में पेश होना था। कोर्ट में 35 आंदोलनकारी पहुंचे लेकिन जब उन्होंने जमानत लेने से इंकार कर दिया तो न्यायिक मजिस्ट्रेट अमित भट्ट ने सभी आंदोलनकारियों को जेल भेजने के आदेश दिए। पुलिस ने सभी आंदोलनकारियाें को वाहनों से पुरसाड़ी जेल भेज दिया।
पूर्व सीएम हरीश रावत आज देंगे गिरफ्तारी
पूर्व मुख्य मंत्री हरीश रावत शुक्रवार को 11 बजे गैरसैंण पहुंचकर आंदोलनकारियों के समर्थन में सैकड़ों कार्यकर्ताओं के साथ तहसील परिसर में गिरफ्तारी देंगे। ब्लॉक अध्यक्ष केएस बिष्ट और सुरेंद्र बिष्ट ने बताया कि चार जुलाई को गैरसैंण भ्रमण के दौरान हरीश रावत ने आंदोलनकारियों के जेल जाने पर स्वयं की गिरफ्तारी देने का ऐलान किया था।