मोपाटा गांव के पास ढाई सौ मीटर लंबी प्राचीन गुफा के अंदर मौजूद सैकड़ों सफेद शिवलिंग और विभिन्न आकृतियां आज भी रहस्य बनी हैं। गुफा के प्रचार के लिए मानेश्वर महादेव समिति ने यहां एक दिवसीय मेले का आयोजन किया। भगवान भोलेनाथ की पूजा कर भंडारे का आयोजन भी किया।
देवाल-खेता मोटर मार्ग से दो किलोमीटर दूर मोपाटा गांव की सीमा में स्थित मानेश्वर महादेव के नाम की गुफा है। इसके अंदर दो सौ मीटर के बाद 30 मीटर खुला मैदान है। गुफा के अंदर कमल के फूलों, शिव लिंग और विभिन्न आकृतियां हैं। इन आकृतियों की ऊंचाई एक मीटर तक है।
गुफा के प्रवेश द्वार की ऊंचाई दो मीटर है। मोपाटा के काम सिंह का कहना कि बहुत पहले इस रास्ते से बागेश्वर जिले के बालीघाट तक जाते थे। इस गुफा के अंदर चमगादड़ भी हैं। गुफा के अंदर रास्ता ऊबड़-खाबड़ और अंधेरा होने से श्रद्धालुओं को दिक्कतों का सामना करना पड़ता है।
शनिवार को मेला समिति ने मानेवर महादेव गुफा में भगवान भोलेनाथ की पूजा की और क्षेत्र के सुख-समृद्धि की कामना की। इस मौके पर गढ़वाल और कुमाऊं से आए श्रद्धालुओं ने मानेश्वर महादेव के दर्शन किए। देवाल की क्षेत्र पंचायत प्रमुख उर्मिला बिष्ट ने बताया कि यह राज्य की अद्भुत गुफा है।