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मां उमा के जयकारों से गूंजी कर्णनगरी

Tue, 01 Nov 2016 10:09 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो/कर्णप्रयाग
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चमोली जिले के कर्णप्रयाग में मां उमा देवी के दर्शन करने के लिए लगी श्रद्वालुओं की भीड़। - फोटो : amar ujala.
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वैदिक मंत्रोचारण और परंपरागत रूप से मां उमा देवी की डोली छह माह के भ्रमण के लिए गर्भ गृह से बाहर आई। इस दौरान मां उमा ने अलकनंदा और पिंडर के संगम पर स्नान किया और बहुगुणानगर के साथ-साथ सुभाषनगर (सांकरी) मंदिरों का भ्रमण किया। देवी मां के साथ कपीरी कंडारा के लाटू देवता का निशाण भी साथ था। पूरे दिन कर्णनगरी मां उमा के जयकारों से गुंजायमान रही। देवी 25 नवंबर तक मंदिर परिसर में रहेंगी, जिसके बाद वह छह माह के लिए नगर भ्रमण पर जाएंगी। सैकड़ों श्रद्धालु इस दौरान मौजूद रहे और सुरक्षा व्यवस्था चाक-चौबंद रही।
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हर बारह वर्ष बाद होने वाली मां उमा की दिवारा यात्रा का शुभारंभ मंगलवार को हुआ। सुबह आठ बजे पंडित अजय पुजारी, राजेंद्र पुजारी, रविंद्र पुजारी, हरीश पुजारी, हेम पुजारी, कैलाश पुजारी, कांति पुजारी आदि ने मंदिर के गर्भ गृह में पूजा अर्चना शुरू की। प्रबंधक नरेंद्र सिंह भंडारी, अध्यक्ष वीरेंद्र सिंह पुंडीर, राजेंद्र सिंह नेगी, रविदर्शन तोपाल, महिपाल नेगी, तेजेंद्र रावत, मनमोहन पुंडीर, नरेंद्र तोपाल शास्त्री, भगवान कंडवाल, दिनेश थपलियाल सहित कपीरी के प्रतिनिधियों ने संकल्प लेकर देवी का क्षेत्र भ्रमण के लिए आह्वान किया। इसके बाद मंदिर के कपाट खुले और 11 बजकर बीस मिनट पर देवी की डोली बाहर आई।

इस दौरान मंदिर परिसर में कई देवताओं के पश्वा अवतरित हुए। 12 वर्ष बाद अपनी आराध्य देवी को देखकर धियाणियां भावुक हुईं और देवी की डोली से गले मिलीं। मंदिर की परिक्रमा के बाद देवी की डोली ने संगम स्नान किया। बारह बजे बहुगुणा नगर के मंदिर के लिए देवी की डोली रवाना हुई। सुभाषनगर से अपर बाजार होते हुए देवी की डोली मुुख्य बाजार पहुंची। शिव मंदिर के सामने देवनृत्य का आयोजन हुआ।
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सदाशिव रामलीला कमेटी ने भंडारे का आयोजन किया। इस दौरान विधानसभा के उपाध्यक्ष डा. अनुसूया प्रसाद मैखुरी, पूर्व विधायक अनिल नौटियाल, नगर पालिका अध्यक्ष सुभाष गैरोला सहित कपीरी के बीस गांवों, डिम्मर, नाकोट, नगर क्षेत्र, सिमली, सेमी आदि गांवों के ग्रामीणों ने देवी के दर्शन किए। थाना प्रभारी पंकज पोखरियाल के नेतृत्व में यात्रा के दौरान सुरक्षा चाक चौबंद रही।


चांदी का छत्र चढ़ाया
दोपहर पौने एक बजे सुभाषनगर (सांकरी) के मंदिर पहुंची मां उमा की डोली पर लोगों ने सामूहिक तौर पर चांदी का छत्र चढ़ाया। देवी प्रसाद कंडवाल, खीमानंद सती, जनार्दन चमोली, भगवती बेंजवाल, अनुज डिमरी, गणेश डिमरी, एसपी कुमेड़ी, एपी गौड़, प्रह्लाद सती आदि ने देवी की पूजा अर्चना की। इस अवसर पर मनोज नेगी, जसवीर भंडारी, सुधीर डिमरी, आरएस भंडारी, सभासद उषा सती, दमयंती रतूड़ी सहित अन्य ने देवी का स्वागत किया। महिलाओं ने यहां भजन गाए और देवी की डोली की आरती की। 

यह है मान्यता
माना जाता है कि देवी जब कैलास जा रही थीं तब बहुगुणा नगर के एक पत्थर में देवी की चाबी छूट गई थी। यहां अब मंदिर बन गया है। ऐसे में जब भी देवी क्षेत्र भ्रमण पर आती हैं तब बहुगुणा नगर जाती हैं। यहां लोगों ने देवी का परंपरागत स्वागत किया। पुजारी गांव में स्थिति पौराणिक मंदिर में विराजमान मां उमा का मायका डिम्मर माना जाता है और ससुराल कपीरी पट्टी। माना जाता है कि देवी को ससुराल कैलास विदा करने के लिए हर बारह वर्ष में यह आयोजन होता है। इस दौरान देवी मां उमा अपनी धियाणियों के गांवों और ससुराल के गांवों का भ्रमण कर भक्तों का सुफल देती हैं।
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