डिम्मर गांव में ग्रामीणों ने मां उमा देवी की भव्य पूजा अर्चना कर गहथ और भात का भोग लगाया। इस मौके पर दूर दराज से आए श्रद्धालु पूजा में शामिल हुए।
प्रत्येक वर्ष मागंशीर्ष माह के रविवार को डिम्मर गांव के ग्रामीण ध्याण मां उमा देवी की वैदिक मंत्रोच्चारों के साथ पूजा कर नए अनाज गहथ और भात का भोग अर्पित करते हैं।
इसी परंपरा के तहत रविवार को डिम्मर गांव के आली गदेरे में स्थित मां उमा देवी के मंदिर में पंडितों और ग्रामीणों ने मां उमा देवी की वैदिक मंत्रौच्चारों के साथ पूजा की और गहथ-भात का भोग लगाया।
इसके बाद ग्रामीण देवी के मंदिर से माता की केशर युक्त चावलों की चौकी और जलते हुए दीपक को माता की संयुक्त रूप से प्रार्थना करते हुए गांव के पौराणिक स्थल चौंरीचौक तक ले जाते हैं। वहां पर खांडू देवता के मंदिर में माता की चौकी और दीये को प्रतिस्थापित करते हैं।
चौंरीचौक में देवताओं के पश्वाओं नेे अवतरित होकर श्रद्धालुओं को सुख समृद्धि का आशीर्वाद दिया। इस मौके पर आचार्य गणेश चंद्र खंडूड़ी, रविंद्र खंडूड़ी, नरेश चंद्र खंडूड़ी, शैलेंद्र प्रसाद डिमरी, हेेमचंद्र, प्रकाश चंद्र, हरीश चंद्र सहित डिम्मर, नाकोट, खोला, थाला, कर्णप्रयाग, उमट्टा आदि गांवों से सैकड़ों श्रद्धालु मौजूद थे।