कोठी गांव में नंदा देवी की आराधना करते लोग।
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नंदा देवी की डोली व लोकजात यात्रा बृहस्पतिवार को कोठी से धरातल्ला गांव पहुंची। दोनों गांवों में देवी व भक्तों का भव्य स्वागत हुआ। पूरा क्षेत्र देवी के जयकारों से नंदामय हो गया। चेपड़ों गांव पहुंचने पर मां नंदा की एक झलक पाने को दूरस्थ गांव से भी लोग पहुंचे। इसके बाद ग्रामीणों ने मां नंदा की डोली को कोठी गांव तक विदा किया। यहां पुष्पा देवी, सीमा बिष्ट, नंदाबल्ल्भ, भुवनचंद्र, संतोष, महाबीर सिंह, गौर सिंह, उमेद सिंह, खिलाप सिंह, कुंदन सिंह आदि ने डोली का स्वागत किया। दोपहर के भोज के बाद कोठी के ग्रामीणों ने देवी की डोली को धरातल्ला गांव विदा किया। धरातल्ला में लोकजात यात्रा का भव्य स्वागत हुआ। देवताओं ने देवनृत्य किया और श्रद्धालुओं को धनधान्य का वरदान दिया। शुक्रवार को यात्रा धरातल्ला से पूर्णा, देवाल, इच्छोली, हाटकल्याणी होते हुए फल्दियागांव में रात्रि विश्राम करेगी।
जोशीमठ। उर्गम घाटी की लोकजात यात्रा बृहस्पतिवार से शुरू हो गई। बृहस्पतिवार सुबह देवग्राम स्थित गौरा देवी मंदिर में विशेष पूजा की गई। इसके बाद रिंगाल व भोजपत्र से तैयार कंडी व छतोलियां गौरा मंदिर से रवाना हुईं। कल्पेश्वर धाम होते हुए यात्रा रात्रि विश्राम के लिए श्री फ्यूंलानारायण धाम में पहुंचेगी। गौरा जात यात्रा में शामिल सभी यात्री श्री फ्यूंलानारायण के बाद नंगे पांव ही शामिल होंगे। इस बार सीमित संख्या में ही लोगों को जाने की अनुमति मिली है। संवाद
कोठी गांव में नंदा की डोली व लोकजात यात्रा का स्वागत करते लोग।- फोटो : KARNPRYAG