मां नंदा की डोली व लोकजात यात्रा आबादी के अंतिम गांव वांण से अपने धर्म भाई लाटू देवता की अगुवाई में निर्जन पड़ाव गैरोली पातल पहुंची। शनिवार को वेदनी में पूजा-अर्चना के बाद डोली वापस वांक गांव पहुंचेगी।
शुक्रवार को मां नंदा की डोली व लोकजात यात्रा ने वांण गांव में प्रवास किया। यहां रात को देव नृत्य व जागरण का आयोजन हुआ। शनिवार की सुबह पूजा के बाद मां नंदा के धर्म भाई लाटू देवता की अगुवाई में डोली अपने 12वें पड़ाव गैरोली पहुंची। गैरोली में डोली के साथ लगभग दो सौ लोग रुके और अधिकांश लोग वेदनी चले गए। शनिवार की सुबह साढ़े छह बजे डोली वेदनी बुग्याल के लिए प्रस्थान करेगी। वेदनी कुंड में पूजा के बाद नंदा की डोली व लोकजात यात्रा वांक गांव के लिए लौटेगी। अपने विभिन्न पड़ावों से होकर नंदा की डोली 10 सितंबर को देवराड़ा पहुंचेगी और गर्भगृह में छह माह के लिए विराजमान हो जाएगी।