भगवान फ्लूंयानारायण के कपाट बृहस्पतिवार को विधि-विधान के साथ बंद कर दिए गए। फ्लूंयानारायण के कपाट हर वर्ष नंदा अष्टमी के दूसरे दिन नवमी के दिन बंद होते हैं। नौ हजार फीट की ऊंचाई पर भगवान फ्लूंयानारायण मंदिर स्थित है। बृहस्पतिवार को भेटा भरकी के ग्रामीणों ने विधि-विधान से पूजा की। महिला पुजारी ने भगवान का फूल मालाओं से शृंगार किया और पुरुष पुजारी ने पूजा-अर्चना के बाद कपाट बंद कर दिए। फ्लूंयानारायण के कपाट अब श्रावण संक्रांति के दिन खुलेंगे।