गैरसैंण विकासखंड के दुर्गम गोगना सहित आस पास के गांवों के बच्चों को अब घर के पास ही हाईस्कूूल तक की शिक्षा मिल सकेगी। अभी तक बच्चे दसवीं की पढ़ाई के लिए गांवों से 11 किमी दूर माइथान जाते थे, जिस कारण कई बच्चों को स्कूल छोड़ना पड़ता था। गोगना को हाईस्कूल का दर्जा मिलने से अब यह दिक्कत कम हो पाएगी।
गैरसैंण की खंसर घाटी के दुर्गम स्कूल गोगना में कंडारीखोड़ मल्ली, तल्ली, सारिंग, गोगना, जसखोला, चतुरिया सहित आस पास के अन्य गांवों के बच्चे जूनियर हाईस्कूल गोगना में 8वीं तक की पढ़ाई करते थे, लेकिन 9वीं के बाद बच्चों को 11 किमी दूर माइथान जाना पड़ता था।
गैरसैंण की प्रमुख सुमति बिष्ट, सामाजिक कार्यकर्ता सुरेश कुमार बिष्ट, पीएस नेगी आदि का कहना है कि क्षेत्र में नजदीक स्कूल न होने के चलते कई बच्चे 8वीं से आगे की पढ़ाई नहीं कर पाते थे।
ऐसे में ग्रामीण लगातार यहां जूनियर स्कूल का उच्चीकरण कराने की मांग कर रहे थे। अब स्कूल का उच्चीकरण होने से यह समस्या दूर हो जाएगी। दूसरी ओर विधायक डा. अनुसूया प्रसाद मैखुरी ने बताया कि उच्चीकरण के साथ ही स्कूल में प्रधानाध्यापक का एक पद, 5 सहायक अध्यापक, एक वरिष्ठ सहायक और एक चतुर्थ श्रेणी कर्मी के पदों का सृजन भी कर दिया गया है। जल्द ही यहां स्कूल का संचालन शुरू कर दिया जाएगा।