जिला सहकारी बैंक जिले में किसानों की 26 फसलों के लिए कृषि ऋण देगा, जिसके लिए राष्ट्रीय कृषि और ग्रामीण विकास बैंक (नाबार्ड) की मदद से योजना तैयार की गई है।
किसानों के लिए समिति के माध्यम से कृषि औजार और चारा भी उपलब्ध कराएगा। जिला सहकारी बैंक की ओर से आयोजित वित्तीय समावेशन और साक्षरता गोष्ठी में बैंक के परामर्शदाताओं ने इस योजना की जानकारी किसानों को दी।
गोष्ठी में बैंक में परामर्शदाता डीपी थपलियाल ने कहा कि केंद्र सरकार की ओर से बैंक के माध्यम से किसानों के लिए धान, आलू, अदरक, मिर्च, हल्दी 26 फसलों के उत्पादन के लिए न्यूनतम ब्याज पर कृषि ऋण उपलब्ध कराया जा रहा है।
कालेश्वर के प्रधान हरीश चौहान ने ग्राम पंचायत की खुली बैठकों में सहकारी बैंकों के पदाधिकारियों के शामिल होने सहित गांवों में जाकर जागरूक करने की बात कही। कैलाश खंडूड़ी ने ऋण योजनाओं के मानकों में ढील देने की मांग की। वहीं जनप्रतिनिधियों ने ऋण वसूली तेज करने, सचिवों की नियुक्ति करने आदि समस्याएं भी सामने रखीं। कार्यक्रम की अध्यक्षता कनिष्ठ उपप्रमुख सुभाष रावत ने की।
बैठक में बीपी डिमरी, क्षेत्र पंचायत सदस्य रेनू नेगी, सहकारी बैंक की शाखा प्रबंधक दीक्षा कंडवाल, दीपक डिमरी, सुदीप, राकेश लाल, ताजवर नेगी, विक्रम नेगी, संदीप खंडूड़ी, भोला सिंह, शिशुपाल सिंह सहित ईड़ाबधाणी, ढुंगल्वाली और सिवाई समिति के पदाधिकारी और किसान मौजूद थे।