पोखरी ब्लाक के तोली, बेलुंग, क्वींठी और कांडा गांव के लिए स्वीकृत सड़क का निर्माण आज भी सर्वे तक ही अटका है। स्थिति यह है कि ग्रामीणों के लिए नमक और तेल के लिए भी दस किमी की पैदल दूरी नापनी पड़ रही है।
सामाजिक कार्यकर्ता लखपत सिंह बासकण्डी, किशन सिंह रावत, राम सिंह बुटोला, रणबीर सिंह, पार्वती देवी और शांति देवी आदि का कहना कि पोखरी ब्लाक से जुडे़ तोली, बेलुंग और क्वींठी ग्राम पंचायतों की दो हजार से अधिक आबादी के लिए सबसे बड़ी समस्या सड़क की है।
ग्रामीण जरूरत का सामान गौचर से पीठ पर लादकर दस से पंद्रह किमी दूरी पर बसे गांवों तक पहुंचाते हैं। हालांकि लोनिवि ने चार वर्ष पूर्व गांवों को सड़क से जोड़ने के लिए सर्वे किया था, लेकिन सड़क निर्माण आज तक नहीं हुआ। गांव में किसी के बीमार होने पर डंडी, कंडी में लादकर अस्पताल पहुंचाना पड़ता है।
दूसरी ओर लोनिवि गौचर के ईई मनोज भट्ट ने बताया किरानो-सिमखोली मोटर मार्ग से तोली, बेलुंग और क्वींठी ग्राम पंचायत के लिए भी 3-3 किमी सड़क स्वीकृत है। इन मार्गों पर वन विभाग से पर्यावरण की स्वीकृति मिलनी शेष है। स्वीकृति मिलते ही कार्य शुरू कर दिया जाएगा।