बदरीनाथ। बदरीनाथ धाम में चल रही श्रीमद्भागवत कथा के दूसरे दिन कथावाचक आचार्य विजय प्रसाद पांडेय ने कहा कि मन, तन और बुद्धि को पवित्र करने के लिए कथा का आयोजन और श्रवण करना चाहिए। सत्संग से जुड़कर भगवान की भक्ति में अपने को समर्पित करने वाला व्यक्ति कभी अपने मार्ग से भटकता नहीं है।
कथावाचक आचार्य ने कहा कि भगवान की कथाएं, लीलाएं, नाम और गुण भी अनंत हैं। प्रत्येक वस्तु, स्तुति और पदार्थ में भगवान विद्यमान है। उन्होंने भगवान विष्णु के 24 अवतारों के साथ ही महाभारत युद्ध का वर्णन भी किया। कहा कि भगवान को संसार के लिए धर्म का दर्शन कराने के लिए महाभारत का युद्ध कराना पड़ा। इस मौके पर आचार्य मुकेश किमोठी, आचार्य मनोज पांडेय, विनय कोठियाल, अवध सिंह भंडारी, अंशुमान भंडारी और आदित्य आदि मौजूद रहे। संवाद