भेड़पालकों को हुआ भारी आर्थिक संकट, तहसील और पशुपालन की टीम ने किया घटनास्थल का निरीक्षण
संवाद न्यूज एजेंसी।
पीपलकोटी। निजमुला घाटी के भनाली तोक में बिजली गिरने से 413 बकरियां मर गईं। चमोली तहसील की टीम सोमवार को घटनास्थल पर पहुंची और नुकसान का जायजा लिया। क्षेत्र के भेड़पालक बकरी पालन पर ही निर्भर रहते हैं। बड़ी संख्या में बकरियों की मौत से उनके सामने आर्थिक संकट खड़ा हो गया है।
गौणा गांव से करीब पांच किलोमीटर की दूरी पर भनाली तोक में रविवार रात करीब साढ़े नौ बजे बारिश के दौरान भेड़पालक बकरियों को बुग्याल की तरफ लेकर जा रहे थे तभी बिजली गिरी और एक साथ 413 बकरियां मर गईं। बकरियों के साथ सात बकरीपालक भी थे। गाड़ी गांव की प्रधान मंदोदरी देवी और मोली हडुंग के ग्राम प्रधान भरत गड़िया का कहना है कि निजमुला घाटी के अधिकांश ग्रामीण बकरी पालन कर परिवार का भरण पोषण करते हैं। उनकी रोजी-रोटी यही बकरियां थीं। बकरियों के मरने से उनके सामने आर्थिक संकट खड़ा हो गया है। उन्होंने प्रशासन से प्रभावित परिवारों को मुआवजा दिए जाने की मांग उठाई। तहसीलदार दीप्तिशिखा ने बताया कि तहसील और पशुपालन की टीम मौके पर गई है। घटना की रिपोर्ट मिलने के बाद प्रभावित परिवारों को मुआवजा दिया जाएगा।
सांसद अनिल बलूनी ने जिलाधिकारी से ली जानकारी
गोपेश्वर। गढ़वाल सांसद अनिल बलूनी ने निजमुला घाटी के भनाली में बड़ी संख्या में बकरियों की मौत पर दुख जताया। उन्होंने जिलाधिकारी से दूरभाष पर वार्ता कर घटना की जानकारी ली। उन्होंने निर्देशित किया कि प्रभावित परिवारों को शीघ्र राहत प्रदान करते हुए उनके आर्थिक नुकसान का समुचित आकलन के आधार पर हरसंभव सहायता उपलब्ध कराई जाए। संवाद