चमोली जिले में एक सप्ताह पहले हुई बर्फबारी ने 100 से अधिक गांव के लोगों को बुरी तरह प्रभावित कर दिया है। आज भी जोशीमठ ब्लॉक के लगभग सभी गांवों में बिजली ठप है। दर्जनों सड़कें बर्फ के कारण बंद हैं और बिजली नहीं होने से इन क्षेत्रों में मोबाइल सेवा भी ठप पड़ी है।
चमोली जिले के दूरस्थ गांवों में हुई बर्फबारी ने जनजीवन अस्त व्यस्त कर दिया है। बर्फबारी से जिले के विभिन्न क्षेत्रों में बिजली व्यवस्था ठप है। सबसे ज्यादा प्रभावित जोशीमठ ब्लॉक हुआ है। यहां पर बारिश और बर्फबारी बंद होने के बाद से ही ऊर्जा निगम के अधिकारी बिजली सुचारु करने में लगे हैं, लेकिन अभी तक पूरे ब्लॉक में बिजली नहीं आ पाई है। ब्लॉक के करीब 85 गांवों में सप्लाई ठप है। इसके अलावा घाट, दशोली, पोखरी, गैरसैंण, नारायणबड़ के दर्जनों गांवों की बिजली 12-13 दिसंबर से गुल है। बिजली के बिना मोबाइल फोन भी चार्ज नहीं हो पा रहे हैं, जिससे लोगों को भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है।
सड़क बंद होने से खाद्य सामग्री का गहराने लगा संकट
बर्फबारी के कारण जिले की दर्जनों गांवों की सड़कें बंद होने से इन गांवों का संपर्क बाजारों से कट गया है, जिससे इन क्षेत्रों में रसद की कमी होने लग गई है। अकेले जोशीमठ ब्लॉक में ही जोशीमठ औली, जोशीमठ-मलारी, जोशीमठ-सलूड डुंगरा, इसके अलावा मंडल-चोपता, पिंडर घाटी की देवालघेस, निजमुला घाटी की दुर्मी-पगना सड़क, दशोली ब्लॉक के कांडा, कुणखेत, स्यूण, बेमरू, डुमक कलगोठ और कांडई-पगना आदि गांवों की सड़क बंद है।
सेना की भी दुश्वारियां बढ़ीं
जोशीमठ-मलारी और जोशीमठ-माणा मार्ग बंद होने से चीन सीमा पर तैनात आर्मी और आईटीबीपी के जवानों को भी परेशानी उठानी पड़ रही है। जवानों को आवाजाही करने में भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। आर्मी के वाहनों का आवागमन ठप है, जिससे सीमा पर तैनात जवानों के लिए आवश्यक वस्तुओं को पहुंचाने में भारी परेशानी उठानी पड़ रही है।
बर्फबारी और बारिश से जिले में भारी नुकसान हुआ है। बिजली व्यवस्था सुचारु करने के लिए ऊर्जा निगम की टीम लगातार काम कर रही है। लोनिवि भी मार्ग खोलने के लिए काम कर रहा है। जल्द ही सभी व्यवस्थाएं दुरुस्त कर दी जाएंगी। - स्वाति एस भदौरिया, जिलाधिकारी चमोली।