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कर्णप्रयाग। बदरीनाथ हाईवे के पास अलकनंदा और पिंडर के संगम स्थल का कोई सुधलेवा नहीं है। पंच प्रयागों में से एक यह प्रयाग स्थल बरसात में नदियों के उफान से आए मलबे से पटा हुआ है। ऐसे में श्रद्धालुओं के लिए यहां स्नान करना तो दूर जल भरना भी चुनौती बना है। राकेश चंद्र, हरीश चौहान आदि ने संगम स्थल के सुधारीकरण की मांग की। कहा कि बीते दो साल से यह संगम स्थल बदहाल बना है। यहां बनाया गया स्नानघाट जगह-जगह क्षतिग्रस्त है। मलबे से पटे स्नानाघाट के पास रेलिंग क्षतिग्रस्त है और यहां दो साल से रेत भरी है। वहीं नगर पालिका कर्णप्रयाग के अधिशासी अधिकारी नरेंद्र सिंह रावत का कहना है कि संगम पर रोज शाम को गंगा आरती की जा रही है जहां श्रद्धालु शिरकत कर रहे हैं। संगम के स्नानाघाटों और स्नानागार सहित अन्य सुविधाओं को दुरुस्त करने के प्रयास किए जाएंगे। संवाद