शिवालिक परियोजना के मुख्य अभियंता ने चीन सीमा क्षेत्र में चल रहे सड़क विस्तारीकरण के कार्य का स्थलीय निरीक्षण किया। उन्होंने बेहतर कार्य के लिए सीमा सड़क संगठन के अधिकारियों की पीठ थपथपाई। उन्होंने बताया कि इस साल के अंत तक सीमा क्षेत्र में स्थित आईटीबीपी की अंतिम चौकियों तक सड़क पहुंचाने का लक्ष्य रखा गया है।
शिवालिक परियोजना के मुख्य अभियंता आशु सिंह राठौर ने दो दिन तक जिले से लगे सीमा क्षेत्र नीती और माणा घाटियों में चल रहे सड़कों के निर्माण का निरीक्षण किया। उन्होंने विषम भौगोलिक परिस्थितियों में चट्टानों का सीना चीरकर सड़क निर्माण कार्य में जुटे बीआरओ (सीमा सड़क संगठन) के अधिकारियों व मजदूरों की पीठ थपथपाई। मुख्य अभियंता आशु सिंह राठौर ने बीआरओ के कमांडर एसएस मक्कड़ के साथ मंगलवार को माणा घाटी में निर्माणाधीन माणा पास सड़क का स्थलीय निरीक्षण किया, जबकि सोमवार को उन्होंने जोशीमठ-मलारी, मलारी-गिर्थी डोबला, गिर्थी डोबला-सुमना और सुमना से रिमखिम सड़क का निरीक्षण किया था। उन्होंने कहा कि इस साल के अंत तक सीमा क्षेत्र में स्थित आईटीबीपी की अंतिम चौकियों को सड़क से जोड़ने का लक्ष्य है।