रविवार देर शाम कार दुर्घटना में मृत बसपा प्रत्याशी और गौचर के बंदरखंड निवासी कुलदीप कनवासी का अंतिम संस्कार अलकनंदा के पैतृक घाट पर किया गया। स्थानीय युवा नेता के असामयिक निधन पर क्षेत्र में शोक है।
विधानसभा चुनावी समर में बसपा के टिकट पर उतरे 32 वर्षीय कुलदीप कनवासी की रविवार देर शाम चटवापीपल के निकट सड़क दुर्घटना में मौत हो गई थी। कुलदीप की मौत से परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है। उनके पिता दिलबर (55) और मां बिमला (50) सदमे में हैं, जबकि पत्नी 29 वर्षीय ज्योति का रो-रो कर बुरा हाल है।
युवराज (6 वर्षीय) और शौर्य (डेढ़ वर्षीय) के सिर से पिता का साया उठ गया है। कुलदीप दो बहनों का एकलौता भाई था। कुलदीप अपने परिवार का इकलौता कमाऊ सदस्य था और चारधाम यात्रा के दौरान होटल चलाता था। सोमवार को सीएचसी कर्णप्रयाग में जिला मुख्यालय से पहुंची डॉक्टरों की टीम ने शव का पोस्टमार्टम किया।
सोमवार दोपहर को अलकनंदा नदी के पैतृक घाट पर अंतिम संस्कार किया गया। इस दौरान डा. अनसूया प्रसाद मैखुुरी, सुरेंद्र सिंह नेगी, तहसीलदार विपिन चंद्र पंत, पालिकाध्यक्ष मुकेश नेगी संदीप नेगी सहित बड़ी संख्या में जनप्रतिनिधि और स्थानीय लोग शामिल हुए। दूसरी ओर डीएम विनोद कुमार सुमन और अन्य प्रशासनिक अधिकारियों ने बंदरखंड पहुंचकर शोक संतप्त परिवार को सांत्वना दी।
शोक जताया
बसपा प्रत्याशी कुलदीप कनवासी की मौत पर बहुगुणा विचार मंच के संयोजक और वरिष्ठ अधिवक्ता हरीश पुजारी, भुवन नौटियाल, कर्णप्रयाग के व्यापार संघ अध्यक्ष कुशल बिष्ट, देवी प्रसाद मैखुरी, भाजपा के टीका मैखुरी समेत कई लोगों ने शोक जताया। विधानसभा के उपाध्यक्ष डा. अनसूया प्रसाद मैखुरी ने इसे सामाजिक क्षेत्र के लिए बड़ा नुकसान बताया।