स्याली बंपाली, किंगरी का छाला घुघुली, हे रूड़ी, मिजाज्या रूड़ी, ओ भाना रंगीली भाना जैसे हिट गढ़वाली गीतों के गायक किशन महिपाल की ‘फ्यूंलड़िया’ एलबम बाजार में धूम मचा रही है।
फ्यूंलड़िया गीत को नई पीढ़ी ज्यादा पसंद कर रही है। वेकेलेशन डॉट कॉम पर इस गीत को भारत और विदेशों में सबसे ज्यादा डाउनलोड किया जा रहा है। रविवार को गोपेश्वर पहुंचे किशन महिपाल ने बताया कि ‘फ्यूंलड़िया’ में आठ गीत हैं, जिनमें से अभी सिर्फ फ्यूंलड़िया त्वे देखिकी मन मेरू भरमेगी, तेरू मेरू साथ छेयू पेलो जनम मां.. गीत ही बाजार में आया है।
फ्यूंलड़िया गीत में पश्चिम और गढ़वाली धुन का मिश्रण है। इस गीत में ढोल-दमाऊं भी है तो गिटार की मधुर धुन को भी समाहित किया गया है। इस मौके पर अक्षत नाट्य संस्था के अध्यक्ष केके सेमवाल, हरीश भट्ट, कैलाश भट्ट और अनिल गोस्वामी आदि मौजूद थे।