पर्यटन, धर्मस्व एवं संस्कृति सचिव दिलीप जावलकर ने बदरीनाथ मास्टर प्लान को लेकर कलेक्ट्रेट सभागार में जिला स्तरीय अधिकारियों के साथ बैठक कर चर्चा की। उन्होंने कहा कि बदरीनाथ में रह रहे लोगों की आजीविका को ध्यान में रखते हुए बदरीनाथ धाम को और विकसित किया जाएगा। पर्यटन सचिव ने विभिन्न विभागों के अधिकारियों से बदरीनाथ में प्रस्तावित एवं निर्माणाधीन कार्यों पर भी चर्चा की।
पर्यटन सचिव ने जिला प्रशासन को मास्टर प्लान के तहत कार्य करने के लिए भूमि अधिग्रहण के प्रस्ताव तैयार करने और प्रभावित परिवारों के पुनर्वास के लिए भूमि उपलब्ध कराने को कहा। बदरीनाथ धाम में तालाबों के सौंदर्यीकरण, स्ट्रीट स्कैपिंग, क्यू मैनेजमेंट, मंदिर एवं घाट का सौंदर्यीकरण, बदरीश वन, पार्किंग, सड़क एवं रिवर फ्रंट डेवलपमेंट कार्य चरणबद्ध तरीके से होने हैं। अगले वर्ष मार्च माह से धाम में 85 हेक्टेयर क्षेत्रफल में विकास के निर्माण कार्य शुरू होंगे। पर्यटन सचिव ने कहा कि हर साल लगभग 12 लाख श्रद्धालु बदरीनाथ धाम पहुंच रहे हैं। रेलवे और ऑलवेदर सड़क का कार्य पूरा होने पर धाम में हर वर्ष 30 लाख से अधिक तीर्थयात्री पहुंचेंगे। तीर्थयात्रियों को बेहतर सुविधाएं मुहैया कराने के लिए बदरीनाथ टाउन में ट्रैफिक मैनेजमेंट एवं यात्री सुविधाएं जुटाना होगा। इस मौके पर डीएम स्वाति एस भदौरिया, एसपी यशवंत सिंह चौहान, सीडीओ हंसादत्त पांडे, लोनिवि के एसई मुकेश परमार, जिला पर्यटन अधिकारी वृजेंद्र पांडे आदि मौजूद रहे।