सुभाषनगर मेंं सिमली सड़क पर मलबे के साथ बड़े पेड़ भी गिरे
एक दुकानदार ने भागकर बचाई जान
संवाद न्यूज एजेंसी
कर्णप्रयाग। रविवार सुबह पांच बजे हुई करीब दो घंटे की मूसलाधार बारिश से सुभाषनगर मेंं सिमली सड़क पर भूस्खलन हो गया। ऐसे में सड़क पर खड़े करीब छह दोपहिया वाहन मलबे में दब गए। एक दुकानदार इस घटना में बाल-बाल बचा जबकि एक दुकान के शटर को भी नुकसान पहुंचा।
रविवार सुबह मूसलाधार बारिश के कारण सुभाषनगर में पार्किंग के पास भूस्खलन हो गया। साथ में बड़े पेड़ मलबे के साथ सड़क पर आ गिरे। करीब सात बजे आए इस मलबे में दुकानदार लखपत सिंह ने भागकर जान बचाई। पूर्व सभासद प्रह्लाद सती और अरविंद गुसाईं का कहना है कि सड़क किनारे कुछ दोपहिया वाहन लोगों ने खड़े किए थे। दुकानदार जैकी ने बताया कि करीब छह दोपहिया वाहन मलबे में दब गए और बिजली लाइन क्षतिग्रस्त हो गई। सूचना पर पहुंचे डीडीआरएफ के जवानों ने पेड़ काटकर करीब नौ बजे यातायात सुचारु किया। वहीं एनएच ने जेसीबी की मदद से मलबा हटाया और दोपहिया वाहनों को निकाला। मलबे से यहां पर दुकानों और मकानों को भी खतरा बन गया है। लोगों ने जल्द यहां सुरक्षा दीवार लगाने की मांग की। वहीं एसडीएम अलकेश नौडियाल ने कहा कि सड़क खोल दी गई है। नुकसान के लिए संबंधित कर्मचारियों से निरीक्षण कराया जाएगा।
तेज बारिश से लंगासू की सड़कें बदहाल
जिलासू/नारायणबगड़। शनिवार रात हुई तेज बारिश के बाद लंगासू क्षेत्र में सड़कों की स्थिति खराब हो गई। एनएच पर एसबीआई के सामने और जीआईसी लंगासू समेत कई स्थानों पर गड्ढों में पानी भर गया। अजय बड़ौनी ने बताया कि टूटे नालों से पानी सड़कों पर और दुकानों में घुस रहा है। प्रियांशु ने कहा कि स्कूल के दिनों में यहां आवागमन करना मुश्किल होता है। व्यापारी कैलाश खंडूड़ी ने समेत कई लोगों ने विभाग से जल्द सड़क और नालियों की मरम्मत कराने की मांग की। वहीं नारायणबगड़ में भी कई मार्ग बंद हो गए। संवाद
बसुकेदार: किमाणा गांव में भू-धंसाव, बढ़ रहीं दरारें
कृषि भूमि का हो रहा कटाव, दो गोशाला और एक शौचालय टूटा, मकान पर पड़ी दरार
लोनीगाड़ उफान पर है गांव नीचे हो रहा लगातार कटाव
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संवाद न्यूज एजेंसी
बसुकेदार। तहसील क्षेत्र में लगातार हो रही मूसलाधार बारिश के कारण लोनीगाड़ गदेरा उफान पर होने से ग्राम सभा खाटली के किमाणा गांव के ठीक नीचे भू-धंसाव हो रहा है और गांव में दरारें लगातार बढ़ती जा रही हैं। वहीं कृषि भूमि का भी कटाव हो रहा है।
किमाणा गांव में कमल सिंह और नारायण सिंह की दो गोशालाएं पूर्ण रूप से क्षतिग्रस्त हो गई हैं जबकि सुंदर सिंह व भागीरथी देवी की गोशालाओं को भी आंशिक नुकसान पहुंचा है। इसके अलावा, नारायण सिंह का शौचालय क्षतिग्रस्त हो गया है। वहीं राजेंद्र सिंह के मकान पर मोटी दरारें आ जाने से उनका घर कभी भी ढह सकता है। पूर्व प्रधान प्रमिला पवार, महिला मंगल दल अध्यक्ष कविता देवी, जयेंद्र सिंह, अजय सिंह और सुरबीर सिंह ने बताया कि गांव में लगातार बने खतरे के कारण 70 परिवार दहशत के साये में जीने के लिए मजबूर हैं। उन्होंने कहा कि वर्ष 2025 की आपदा के बाद और शनिवार रात हुई भारी बारिश के कारण लोनीगाड़ गदेरा उफान पर है जिससे गांव के ठीक नीचे लगातार कटाव हो रहा है। घटना की सूचना मिलने पर तहसील प्रशासन की टीम ने ग्राम किमाणा का निरीक्षण किया। प्रभारी आरके यतेंद्र राणा और राजस्व उपनिरीक्षक प्रदीप कपरवान ने बताया कि गांव में हुए नुकसान का आकलन किया जा रहा है। ग्रामीणों को सतर्क रहने की हिदायत दी गई है। प्रशासनिक टीम लगातार स्थिति पर नजर बनाए है।
डेढ़ घंटे तक बंद रहा केदारनाथ हाईवे
रुद्रप्रयाग। शनिवार रात से लगातार हो बारिश के कारण केदारनाथ हाईवे पर कई जगहों पर मलबा आ गया। इससे काकड़ागाड के पास हाईवे करीब डेढ़ घंटे तक बंद रहा। बाद में एनएच की जेसीबी ने मलबा हटाया और मार्ग पर आवाजाही शुरू कराई। रविवार सुबह बारिश के कारण केदारनाथ हाईवे पर काकड़ागाड़ से गौरीकुंड के बीच आंचल कैफे काकड़ागाड़ के पास मलबा आ गया। ऐसे में सुबह 5:26 बजे ही यहां आवाजाही बंद हो गई। सूचना मिलते ही एनएच के अधिकारी मशीनों और तकनीशियन के साथ मौके पर पहुंचे और मलबा हटाने का काम शुरू किया। सुबह करीब 7 बजे मलबा हटाकर आवाजाही शुरू कराई गई। वहीं एक स्थान पर पेड़ भी गिर गया। एनएच के ईई ओंकार पांडेय ने बताया कि हाईवे दो घंटे बंद रहा बाद में सभी स्थानों पर मलबा हटाते हुए आवाजाही शुरू कर दी गई है। संवाद