जनता के भारी आक्रोश के बाद एनएच ने कर्णप्रयाग-नैनीताल हाईवे पर घटिया डामर उखाड़कर दोबारा डामरीकरण की कार्रवाई शुरू कर दी है। लोगों ने कहा कि अगर दोबारा बछाए गए डामर की गुणवत्ता सही नहीं रही तो डीएम, एसडीएम और एनएच के अधिकारियों के विरोध में आंदोलन किया जाएगा।
भराड़ीसैंण को ग्रीष्मकालीन राजधानी बनाने के बाद सरकार ने गैरसैंण के मुख्य हाईवे के सुधारीकरण और डामरीकरण के लिए पैसा स्वीकृत किया था। करीब एक साल बाद कर्णप्रयाग-रानीखेत हाईवे पर जब कर्णप्रयाग बस स्टेशन से डामरीकरण शुरू हुआ तो दूसरे ही दिन डामर उखड़ना शुरू हो गया था। इस पर कांग्रेसी नेता बीरेंद्र मिंगवाल, राजेंद्र सगोई सहित नगर के अन्य लोगों ने एसडीएम से शिकायत की थी और ठेकेदार का लाइसेंस रद्द कर जिम्मेदार इंजीनियरों पर कार्रवाई की मांग उठाई गई। एसडीएम के मौका मुआयना करने के बाद अधिकारियों और ठेकेदार को फटकार लगने के बाद वे हरकत में आए। जनता के भारी विरोध को देखते हुए एनएच ने मुख्य बाजार में खराब डामर उखाड़ दिया है और नए डामरीकरण की तैयारी शुरू कर दी है। एसडीएम वैभव गुप्ता ने कहा कि डामरीकरण पर बराबर नजर रखी जा रही है। अगर कार्यदायी संस्था ने फिर से लापरवाही की तो कार्रवाई अमल में लाई जाएगी।
वहीं, दिवालीखाल-गैरसैंण-मेहलचौरी-पांडुवाखाल के बीच लगभग 28 किमी सड़क खतरनाक बनी है। गत पांच माह से इस पर स्कपर कॉजवे निर्माण का कार्य कछुवा गति से चल रहा है। राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण शाखा रुद्रप्रयाग की हीला हवाली से मेहलचौरी बाजार व कई स्थानों पर दो माह से बन रहे स्कपर अभी तक पूरे नहीं बन पए हैं। ऐसे में बड़े-बड़े गड्ढों में आए दिन दो पहिए वाहन व छोटी कारें फंस रही हैं। व्यापार संघ के अध्यक्ष मंगल सिंह ने विभाग व ठेकेदारों से कार्य में तेजी लाकर समस्या के शीघ्र समाधान की मांग की। संवाद