ज्योतिर्मठ। भू धंसाव प्रभावित ज्योतिर्मठ (जोशीमठ) की अनदेखी से आक्रोशित आपदा प्रभावितों ने शुक्रवार को नगर में बाजार बंद कर चक्का जाम कर दिया। करीब तीन घंटे तक चले चक्का जाम से बदरीनाथ के तीर्थयात्रियों को दिक्कतों का सामना करना पड़ा।
मूल निवास स्वाभिमान संगठन, व्यापार मंडल व टैक्सी यूनियन की ओर से नगर में चक्का जाम और बाजार बंद का आह्वान किया गया था। सुबह से ही नगर के व्यापारिक प्रतिष्ठान बंद रहे। सुबह नौ बजे प्रभावित नगर के प्रवेश द्वार उद्यान विभाग के कार्यालय के पास एकत्रित हुए और हाईवे को जाम कर दिया। भू धंसाव प्रभावितों ने सरकार का पुतला दहन किया और जमकर नारेबाजी की। प्रभावितों ने कहा कि नगर में भू धंसाव की घटना को 21 माह का समय बीत गया है, लेकिन अभी तक सरकार आश्वासनों के सिवाय कुछ नहीं कर पाई है। पूर्व सभासद आरती उनियाल ने कहा कि एक माह पहले भी संगठन की प्रशासन के साथ वार्ता हुई थी, जिसमें एक माह का समय मांगा गया था। उन्होंने आरोप लगाया कि आपदा प्रभावितों को भ्रमित किया जा रहा है।
मूल निवास स्वाभिमान संगठन के अध्यक्ष भुवन चंद्र उनियाल ने कहा कि इसी जगह पर पूर्व में सरकार ने कुछ वादे किए थे। जिनको लेकर जिला स्तर से लेकर राष्ट्रीय स्तर तक कई बार दस्तक दे चुके हैं, जब कोई निष्कर्ष नहीं निकला तो आंदोलन करने के लिए विवश होना पड़ा। धरनास्थल पर पहुंचे एडीएम विवेक प्रकाश ने उन्हें एक माह में सकारात्मक परिणाम का लिखित आश्वासन दिया। उन्होंने कहा कि यहां बड़े काम होने हैं, जिसके लिए डीपीआर पर लोनिवि व जल संस्थान कार्य कर रहा है। कहा कि एक माह में सकारात्मक जवाब लेकर आएंगे। लिखित आश्वासन के बाद दोपहर 12 बजे चक्का जाम व बाजार को खोल दिया गया।
इस दौरान बदरीनाथ धाम, हेमकुंड साहिब जाने वाले तीर्थ यात्रियों को भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ा। दोपहर के समय चक्का जाम खुलने पर यात्रियों ने राहत की सांस ली। इस दौरान मूल निवास स्वाभिमान संगठन के समीर डिमरी, व्यापार मंडल अध्यक्ष नैन सिंह भंडारी, टैक्सी यूनियन के अध्यक्ष चंडी प्रसाद बहुगुणा, भगवती प्रसाद कपरवाण, ऋषि प्रसाद सती, भगवती प्रसाद नंबूरी, अमित सती सहित बड़ी संख्या में नगर के आपदा प्रभावित शामिल रहे।
पुतला दहन को लेकर भिड़े भाजपा-कांग्रेसी
चक्का जाम के दौरान सरकार के खिलाफ नारेबाजी करने और मुख्यमंत्री का पुतला फूंकने को लेकर भाजपा व कांग्रेस से जुड़े लोग आपस में भिड़ गए। इस दौरान काफी गहमागहमी रही। हालांकि बाद में प्रदेश सरकार और सांसद का पुतला दहन किया गया।