हरिद्वार से शुरू होने वाली श्री पंच दशनाम जूना भैरव अखाड़े की प्राचीन पवित्र छड़ी यात्रा के कर्णप्रयाग पहुंचने पर स्थानीय लोगों ने भव्य स्वागत किया। इस दौरान संगम स्थित शिव मंदिर में नागेश्वर गिरी व शिवानंद गिरी ने यात्रा के साथ आए महात्माओं का आतिथ्य सत्कार किया। पंच दशनाम अखाड़े के अंतरराष्ट्रीय सचिव प्रेम गिरी ने कहा कि यात्रा का मुख्य उद्देश्य उत्तराखंड के प्रयागों व धामों में जाकर जनजागरण करना है। उन्होंने बताया कि जब जूना अखाड़े की स्थापना की गई तो उसकी शुरुआत कर्णप्रयाग के शिव मंदिर से हुई थी। यहां पर उस समय 3 पीपल के पेड़ लगाए गए थे, जो आज भी विद्यमान हैं। इन तीनों पेड़ों की उम्र करीब 400 साल है। उन्होंने शिव मंदिर के जीर्णोद्धार की मांग उठाई। इस मौके पर विहिप के प्रदेश उपाध्यक्ष चिंतामणि सेमवाल, उमा देवी मंदिर समिति के अध्यक्ष रविंद्र पुजारी, विष्णुदत्त भट्ट आदि मौजूद थे। यात्रा भगवान बदरीनाथ के दर्शन करने के बाद 30 तारीख को कर्णप्रयाग में रात्रि विश्राम करेगी।