बर्फबारी से बंद पड़े चीन सीमा को जोड़ने वाले जोशीमठ-मलारी हाईवे को बीआरओ ने खोल दिया है। अब चीन सीमा से लगे अंतिम गांव नीती तक वाहनों की आवाजाही शुरू हो गई है।
सर्दी में बर्फ पड़ने से जोशीमठ-मलारी हाईवे हर साल बंद हो जाता है, जिसे खोलने के लिए बीआरओ को कड़ी मशक्कत करनी पड़ती है। इस साल भले ही बर्फ कम पड़ी थी, लेकिन जोशीमठ-मलारी हाईवे पर वाहनों की आवाजाही संभव नहीं थी। बीआरओ ने पिछले महीने ही हाईवे खोलने का काम शुरू किया था, लेकिन गमशाली के पास हिमखंड आने से हाईवे खोलने में समय लग रहा था। ऐसे में गमशाली तक वाहन पहुंच रहे थे, लेकिन इससे आगे लोगों को पैदल जाना पड़ रहा था। इन दिनों स्थानीय लोग नीती घाटी स्थित टिम्मरसैंण महादेव के दर्शनों के लिए पहुंच रहे हैं, लेकिन गमशाली से लोगों को तीन किमी पैदल चलना पड़ रहा था। शुक्रवार को बीआरओ ने जोशीमठ-मलारी हाईवे खोल दिया है। बीआरओ के कमांडर मनीष कपिल का कहना है कि पिछले साल के मुकाबले इस साल बीआरओ ने एक माह पहले ही हाईवे खोल दिया है। सीमा से लगे अंतिम गांव नीती तक वाहनों की आवाजाही सुचारु हो गई है।