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हल्के वाहनों के लिए खुला जोशीमठ-मलारी हाईवे

Sun, 21 Feb 2016 09:48 PM IST
ब्यूरो/अमर उजाला,चमोली
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जोशीमठ-मलारी हाईवे रविवार को हल्के वाहनों के लिए खोल दिया गया है। चौड़ीकरण कार्य के चलते हाईवे दो दिनों से बंद पड़ा था। बीआरओ ने सोमवार से भारी वाहनों की आवाजाही भी शुरू कराने का दावा किया है।
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चीन सीमा तक भारतीय सैनिकों की आवाजाही को सुगम बनाने के लिए जोशीमठ-मलारी हाईवे (62 किमी) पर चौड़ीकरण का कार्य चल रहा है। 19 फरवरी से रैणी के पास हाईवे के अवरुद्ध होने से सेना के साथ ही स्थानीय लोगों को दिक्कत का सामना करना पड़ रहा है।

 बीआरओ के अधिकारी 22 फरवरी शाम तक हाईवे के सुचारु होने की बात कह रहे हैं। रैंणी गांव के समीप हाईवे पर विस्फोट के बाद दरक रही चट्टान परेशानी का सबब बनी हुई है। हाईवे के करीब सौ मीटर हिस्से में बोल्डर अटके हुए हैं, जिन्हें विस्फोटों से उड़ाया जा रहा है।
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स्थानीय ग्रामीणों के साथ ही मलारी और चीन सीमा पर मुस्तैद सेना के जवान जान जोखिम में डालकर पैदल आवाजाही कर रहे हैं। ग्रामीण और सेना के जवान जरूरी वस्तुओं को पीठ में लादकर अपने गंतव्य तक ले जा रहे हैं।


ऋषि गंगा में उड़ेला जा रहा हाईवे का मलबा

 मलारी हाईवे के चौड़ीकरण कार्य का मलबा बीआरओ की ओर से खुलेआम ऋषि गंगा में उड़ेला जा रहा है। बड़े-बड़े बोल्डर भी सीधे ऋषि गंगा में डाले जा रहे हैं। नीती घाटी के ग्रामीणों का कहना है कि बीआरओ की ओर से एक बार में दस-दस विस्फोट किए जा रहे हैं, जिससे चट्टानें दरक रही हैं। उनके आवासीय भवनों को भी नुकसान पहुंच रहा है।

इधर, बीआरओ के कमांडर कर्नल आर सुब्रमण्यम का कहना है कि यदि मलबे को डंपिंग जोन में लाने की व्यवस्था की जाती तो हाईवे को खोलने में एक माह का समय लग जाता। हाईवे को जल्द खोलने के लिए मलबे को मौके पर ही निस्तारित किया जा रहा है। क्षेत्र में नियंत्रित विस्फोट किए जा रहे हैं।
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