बदरीनाथ हाईवे पर हेलंग से जोशीमठ तक दस किमी का दायरा बड़े यात्रा वाहनों के लायक नहीं है। यहां वाहनों की आवाजाही में दिक्कत पैदा हो रही हैं। यहां हाईवे संकरा और तीखे मोड़ वाला है। सेलंग और झड़कुला में हाईवे की हालत सबसे खराब है। यहां पर ट्रक और बस के आमने-सामने होने पर जाम की स्थिति पैदा हो जाती है।
दरअसल, बदरीनाथ हाईवे पर हेलंग से मारवाड़ी तक बाईपास मार्ग निर्माण प्रस्तावित है, लेकिन जोशीमठ के बाशिंदे इसका विरोध कर रहे हैं। इसी वजह से बीआरओ भी इस पैच पर चौड़ीकरण कार्य शुरू नहीं कर पाया है।
यहां यात्रा बसों और ट्रकों की आवाजाही मुश्किल से हो पा रही है। कई बार ट्रक और बसों के आमने-सामने से आने पर घंटों जाम लग जाता है। बीआरओ के कमांडर कर्नल आर सुब्रमण्यम का कहना है कि हेलंग तक हाईवे चौड़ीकरण कार्य कर लिया गया है।
हेलंग से जोशीमठ तक हाईवे पर डामरीकरण कार्य प्रस्तावित है। शीघ्र इसे पूरा कर लिया जाएगा। हेलंग-मारवाड़ी बाईपास मार्ग का निर्माण सेना के वाहनों की आवाजाही के लिए होना है, फिलहाल बाईपास मार्ग का भूगर्भीय सर्वेक्षण और वन भूमि हस्तांतरण की प्रक्रिया चल रही है। बाईपास बनने से जाम की स्थिति से छुटकारा मिल जाएगा।