नारायणबगड़। पिंडर नदी पर बनाए गए झूला पुल के दोनों तरफ एप्रोच मार्ग न बनने से ग्रामीण परेशान हैं। वर्ल्ड बैंक ने उत्तराखंड डिजास्टर रिकवर प्रोजेक्ट के तहत नौ करोड़ रुपये की लागत से हल्के वाहनों के लिए झूला पुल तो बनाया, लेकिन इसके दोनों तरफ एप्रोच रोड नहीं बनाई गई और लोनिवि थराली को हस्तांतरित कर दी। ऐसे में लोगों को आवागमन के लिए एक किलोमीटर से अधिक दूरी का चक्कर लगा कर नारायणबगड़-परखाल मोटर पुल से होकर आवाजाही करनी पड़ रही है। सांसद प्रतिनिधि सुदर्शन कनेरी, संगीता देवी, सुला देवी, दिया नेगी, गोदांबरी देवी, दर्शनी देवी ने कहा कि उन्हें लंबी दूरी तय करके मोटर पुल से आना जाना पड़ता है। वहीं लोनिवि के अधिशासी अभियंता मूलचंद गुप्ता ने कहा कि जब उनके विभाग को झूला पुल हस्तांतरित किया गया तो उन्होंने एप्रोच रोड बनाने को कहा था जबकि वर्ल्ड बैंक ने एप्रोच रोड अनुबंध में न होना बताया। अब जल्द ही इसका प्रपोजल बनाकर एप्रोच रोड बनाने की स्वीकृति लेंगे।