सोमवार रात 10 बजकर 33 मिनट पर आए 5.8 तीव्रता के भूकंप से चमोली जिले के लोग दहशत में हैं। सबसे ज्यादा दहशत आपदा प्रभावित क्षेत्रों के ग्रामीणों में रही। आपदा प्रभावित चमेली गांव में 46 परिवारों के मकानों में वर्ष 2013 की आपदा से दरारें पड़ी हैं। सोमवार रात को आए भूकंप से ये दरारें और भी चौड़ी हो गईं।
आपदा प्रभावित भूकंप आने के बाद दोबारा घरों में जाने से डरने लगे। जब मध्य रात्रि बाद स्थिति सामान्य हुई, तब वह घरों में गए। बचन सिंह ड़ांगला, बलवंत सिंह रावत, देवकी देवी, केसरी देवी, महेंद्र सिंह, देवेश्वरी देवी, बचन सिंह रावत के मकानों पर दरारें आई हैं। ग्रामीणों ने डीएम को इस संबंध में पत्र भेजकर पुनर्वास करने की मांग उठाई।
वहीं घाट ब्लॉक के वादुक और घूनी गांव में भूकंप से कई मकानों में दरारें आई हैं। घाट के बलवंत सिंह का कहना है कि भूकंप का एहसास हुआ तो परिवार के साथ घर के बाहर आ गए। क्षेत्र में सभी लोग एक दूसरे की कुशलक्षेम पूछने लगे। व्हाट्सएप पर मैसेज आया कि मध्य रात्रि बाद दोबारा भूकंप के झटके आ सकते हैं, जिससे रातभर सो नहीं पाए। वहीं पीपलकोटी में बिहारी लाल शाह के मकान के एक हिस्से में भूकंप से लंबी दरारें पड़ गई हैं।
वहीं कर्णप्रयाग के गौचर, सिमली, लंगासू, आदिबदरी, गैरसैंण, थराली, नारायणबगड़ और देवाल सहित कई जगह लोग भूकंप के झटकों से घबराए घरों से बाहर निकल गए। ढुंगल्वाली गांव में राजेंद्र सिंह नेगी, स्वर्का के किशोरी प्रसाद, धल के इंद्र सिंह, नगर की अनीता नेगी सहित कई लोगों ने बताया कि भूकंप के झटकों से मकानों में दरारें आई हैं।
नारायणबगड़ के छेकुड़ा गांव के भास्करानंद सदानंद नावली गांव के योगेश्वर प्रसाद सहित आस पास के कुछ अन्य मकानों में भी दरारें आईं।