ज्योतिर्मठ। भू धंसाव प्रभावितों की ओर से ज्योतिर्मठ बाजार में किए गए चक्का जाम व बाजार बंद से बदरीनाथ के तीर्थयात्री खासे परेशान रहे। किसी को पिंडदान कराने बदरीनाथ पहुंचना था तो किसी को बदरीनाथ से वापस जाने के लिए शाम को देहरादून से फ्लाइट पकड़नी थी, तीन घंटे तक चक्का जाम रहने से उनका आगे का शेड्यूल बिगड़ गया।
इस समय बदरीनाथ धाम की यात्रा पर बड़ी संख्या में श्रद्धालु पहुंच रहे हैं। पितृ पक्ष के चलते पिंडदान कराने वालों की भी धाम में भारी भीड़ उमड़ रही है। बदरीनाथ के दर्शन कर लौट रहे गुजरात के जतिन सोनी, पिनाल, कविता का कहना है कि सुबह नौ बजे से यहां पर फंसे हुए हैं। शाम को देहरादून से फ्लाइट है, समय पर वहां न पहुंच पाए तो फ्लाइट छूट जाएगी। राजस्थान से आए राकेश्वर प्रसाद मीणा का कहना है कि मां का श्राद्ध करने के लिए बदरीनाथ जा रहा हूं, सुबह से यहां पर फंसे हुए हैं, पूरा परिवार भूखा-प्यासा है। खाने पीने के लिए यहां कुछ नहीं है। यहां पर यात्रियों के लिए कुछ व्यवस्था होनी चाहिए थी। राजस्थान के कोटा से आए कौशिक शर्मा ने बताया कि मां का श्राद्ध करने के लिए बदरीनाथ जा रहा हूं, लेकिन यहां चक्का जाम के चलते फंसे हुए हैं। काफी देर से यहां फंसे रहने से कहीं श्राद्ध की तिथि छूट न जाए इसको लेकर चिंतित हूं।
कई वाहनों को पहले ही रोका
नगर में चक्का जाम के चलते पुलिस ने पीपलकोटी व सेलंग के पास ही कई वाहनों को रोक दिया था। जबकि बदरीनाथ से आने वाले यात्रियों के वाहनों को हाईवे के साथ ही औली रोड पर खड़ा किया गया। जगह-जगह वाहनों को रोके जाने से यात्री असमंजस में रहे। सुबह से फंसे यात्री चक्का जाम खुलने का इंतजार करते रहे। दोपहर 12 बजे जब आपदा प्रभावित माने तो सभी ने राहत की सांस ली। हालांकि वाहनों को निकालने में काफी समय लग गया।