जिलाधिकारी विनोद कुमार सुमन के हस्तक्षेप के बाद गोपेश्वर सीवर लाइन बिछाने का काम पूरा होने की उम्मीद जगी है। डीएम ने निर्माण एवं अनुरक्षण इकाई (गंगा) के अधिकारियों को लोगों, पुरातत्व विभाग, नगर पालिका और तहसील प्रशासन से संयुक्त रूप से वार्ता कर शीघ्र सीवर लाइन बिछाने का काम पूरा करने के निर्देश दिए हैं।
गोपीनाथ मंदिर के मुख्य गेट के समीप सीवर लाइन बिछाने को लेकर पुरातत्व विभाग ने कार्यदायी संस्था को नोटिस थमा दिया था। इस मामले में कई महीनों तक गतिरोध बना रहा। बाद में कार्यदायी संस्था ने गोपेश्वर सीवर लाइन की क्लोजिंग रिपोर्ट तक तैयार कर दी थी।
अमर उजाला ने 17 मार्च के अंक में नौ करोड़ की बर्बादी का जिम्मेदार कौन शीर्षक से खबर प्रमुखता से प्रकाशित की थी, जिसके बाद नगर पालिका हरकत में आई। पालिकाध्यक्ष संदीप रावत की पहल पर बृहस्पतिवार को डीएम ने निर्माण एवं अनुरक्षण इकाई (गंगा) के अधिकारियों की बैठक ली।
डीएम ने अधिकारियों को अप्रैल माह के अंत तक सीवर लाइन निर्माण कार्य में हो रहे विवादों का निस्तारण कर निर्माण कार्य पूर्ण करने के आदेश दिए हैं। डीएम ने अधिकारियों को चेतावनी दी यदि अप्रैल माह तक सीवर लाइन का निर्माण कार्य पूर्ण नहीं किया जाता तो संबंधित अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
इस मौके पर नगर पालिका अध्यक्ष संदीप रावत और नवल भट्ट आदि मौजूद थे।