जिलाधिकारी संदीप तिवारी ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि जल स्रोतों, नदियों, सहायक नदियों और जलाशयों के संरक्षण व संवर्द्धन के कार्यों में तेजी लाएं। एक करोड़ तक की योजनाओं के प्रस्ताव जिलास्तर पर गठित समिति को शीघ्र उपलब्ध कराएं। उससे अधिक की योजनाओं के प्रस्ताव राज्यस्तरीय कमेटी को भेजे जाएं।
डीएम ने शुक्रवार को स्प्रिंग एवं रिवर रिजुविनेशन प्राधिकरण (सारा) की बैठक ली। डीएम ने जल संवर्द्धन के लिए चिह्नित सभी जल स्रोतों की मौपिंग करने के निर्देश दिए। कहा कि वन क्षेत्र के स्रोतों के संवर्धन के लिए वन विभाग और राजस्व क्षेत्र के स्रोतों के लिए पेयजल विभाग शीघ्र प्रस्ताव उपलब्ध कराए। जो प्रस्ताव तैयार हैं उनमें बजट मांग करते हुए कार्य शुरू किए जाएं।
सिंचाई विभाग के ईई अरविंद सिंह नेगी बताया कि सारा के तहत जिलास्तर पर कार्ययोजना तैयार की जा रही है। जल संस्थान और जल निगम ने 87 जल स्रोत चिह्नित किए हैं। इनमें 78 स्रोत वन क्षेत्र में हैं। वन विभाग ने नौ योजनाओं के प्रस्ताव तैयार कर लिए हैं। सिंचाई और लघु सिंचाई विभाग ने 20 सहायक नदियों को चिह्नित किया है, छह योजनाओं के आगणन तैयार कर लिए गए हैं। वर्षा जल संरक्षण के तहत पौधरोपण, 1.43 लाख ट्रेंच निर्माण, 1351 चाल-खाल, 4752 चेकडैम और 936 अन्य जल संग्रह संरचनाओं के निर्माण का लक्ष्य रखा गया है। बैठक में सीडीओ नंदन कुमार, जल संस्थान के ईई एसके श्रीवास्तव आदि मौजूद रहे।