चमोली जिले में लोग सोलर प्लांट से बिजली उत्पादन में दिलचस्पी ले रहे हैं। अभी तक उरेड़ा (उत्तराखंड अक्षय ऊर्जा विकास प्राधिकरण) विभाग की मदद से 177 लोग अपनी बंजर भूमि पर सोलर प्लांट स्थापित कर चुके हैं, जबकि 32 युवाओं ने सौ-सौ किलोवाट और दो युवाओं ने 5-5 सौ किलोवाट के सोलर प्लांट लगाने के लिए आवेदन किया है। सोलर प्लांट से उत्पादित बिजली यूपीसीएल को बेची जाएगी।
उरेड़ा के परियोजना अधिकारी वाईएस बिष्ट ने बताया कि कुरुड़ गांव के ताजवर सिंह, मोहन सिंह, विक्रम, हरिप्रसाद और कमलेश गौड़ ने 100-100 किलोवाट के सोलर प्लांट के लिए आवेदन किया है, जबकि घाट ब्लाक के पगना गांव और नंदा कंस्ट्रक्शन कंपनी की ओर से 5-5 सौ किलोवाट के दो प्लांट स्थापित किए जाएंगे। जल्द ही प्लांट से बिजली उत्पादन भी शुरू हो जाएगा। युवाओं की ओर से ये प्लांट गांव की बंजर भूमि पर स्थापित किए जाएंगे। उन्होंने बताया कि मुख्यमंत्री सौर स्वरोजगार योजना के तहत 25 किलोवाट के सोलर प्लांट स्थापित किए जाएंगे। इसमें दस लाख की लागत आएगी, जिसमें ढाई लाख रुपये का लाभांश राज्य सरकार की ओर से दिया जाएगा।