ऋषिगंगा में आई आपदा ने रीना देवी का संसार ही उजाड़ दिया। तपोवन परियोजना में रीना देवी का पति नरेंद्र कुमार काम करता था, जो आपदा के बाद से लापता है। तब से रीना देवी के आंसू थमने का नाम नहीं ले रहे हैं। परिजन उसे ढांढस बंधा रहे हैं, लेकिन रह-रहकर उसकी आंखों से आंसू छलक जाते हैं और वह फिर बिलखकर रोने लगती है। क्षेत्र में ऐसे कई परिवार हैं जहां मातम और सन्नाटा है।
तपोवन की रीना देवी के तीन बच्चे हैं, 14 साल की ओम प्रिया, 12 साल का ओम प्रियांशु और 10 साल का ओम दिव्यांशु हैं। उनके बच्चे उदास हैं, जबकि उनकी मां रीना देवी के आंखों के आंसू थम नहीं रहे हैं। परिजन, रिश्तेदार और आस पड़ोस के लोग उसे ढांढस बंधाने आ रहे हैं।