ग्रामीणों ने जताई नाराजगी, अपर मुख्य चिकित्साधिकारी ने अस्पताल प्रबंधन से मांगा स्पष्टीकरण
संवाद न्यूज एजेंसी
कर्णप्रयाग। सिमली महिला बेस अस्पताल की इमरजेंसी में चोटिल ढाई साल के बच्चे को एक घंटे तक उपचार नहीं मिला। इस पर नाराज ग्रामीणों ने अफसरों काे फोन किया तक जाकर डाॅक्टर मौके पर पहुंचे। मगर उसे भी रेफर करने को कर दिया। जब ग्रामीणों ने एसडीएम, सीएमओ और एसीएमओ से शिकायत की तब जाकर अन्य डॉक्टर मौके पर पहुंचे और बच्चे को प्राथमिक उपचार दिया। अपर मुख्य चिकित्साधिकारी ने इलाज में देरी के मामले में अस्पताल प्रबंधन से स्पष्टीकरण मांगा गया है।
प्रधान संघ के महामंत्री और कांग्रेस के ब्लाॅक अध्यक्ष गौतम मिंगवाल ने बताया कि बृहस्पतिवार रात को मटियाला गांव का एक ढाई वर्षीय बच्चा चोटिल हो गया। परिजन और वो खुद बच्चे को लेकर बेस अस्पताल सिमली की इमरजेंसी में पहुंचे लेकिन एक घंटे बाद डॉक्टर यहां पहुंचे। मगर घायल के एक्स-रे कराने की बात कहकर डॉक्टर ने बच्चे को रेफर कर दिया। ग्रामीणों ने रात में एसडीएम, सीएमओ, एसीएमओ से मामले की शिकायत की। इसके बाद महिला कर्णप्रयाग अस्पताल के डॉक्टर हड्डी रोग विशेषज्ञ डाॅ. अंकित भट्ट ने चोटिल बच्चे को देखा और प्राथमिक उपचार किया। कांग्रेस के जिलाध्यक्ष मुकेश नेगी, नगर अध्यक्ष महेश खंडूड़ी, व्यापार संघ के जिलाध्यक्ष ईश्वरी प्रसाद मैखुरी, गौतम मिंगवाल ने आरोप लगाया कि रात में एक्स-रे टेक्नीशियन को अस्पताल बुलाया गया। मगर अस्पताल परिसर में रह रहे टेक्नीशियन ने अस्पताल आने की जहमत नहीं उठाई।
कोट -
बृहस्पतिवार रात को सिमली अस्पताल में बच्चे को उपचार नहीं मिलने पर कुछ लोगों का फोन आया था। मौके पर अन्य डॉक्टर को भेजकर मरीज को प्राथमिक उपचार दिया गया। साथ ही अस्पताल प्रबंधन की इस लापरवाही पर स्पष्टीकरण मांगा गया है। - डाॅ. अभिषेक गुप्ता, अपर मुख्य चिकित्साधिकारी।