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सड़कों पर कहीं पुश्ते टूटे तो कहीं सुरक्षा के नहीं पुख्ता इंतजाम

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उर्गम घाटी में दो दिन पूर्व हुई वाहन दुर्घटना के बाद अब अन्य सड़कों की सुरक्षा को लेकर भी आवाज उठने लगी है। जनपद में ग्रामीण क्षेत्रों को यातायात से जोड़ने वाली अधिकांश सड़कों पर सुरक्षा व्यवस्था राम भरोसे है।
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18 नवंबर को उर्गम-पल्ला जखोला सड़क पर वाहन दुर्घटना में 12 लोगों की मौत हो गई थी। दुर्घटना का कारण ओवरलोडिंग रहा लेकिन यहां सड़क की स्थिति भी बेहद खराब है। सड़क संकरी होने के साथ ही तीखी चढ़ाई है जिससे वाहनों की आवाजाही मुश्किल हो रही है। यही स्थिति पोखरी-हापला-गोपेश्वर, हेलंग-उर्गम, चमोली-लासी-सरतोली, नंदानगर-भेंटी, नंदानगर-बांजबगड़ आदि सड़कों की है।
पोखरी-हापला-गोपेश्वर मार्ग बदहाल बना है। सलना से देवखाल तक सड़क पर वाहन जोखिम चल रहे हैं। सड़क पर कई साल पहले बिछाया गया डामर उखड़ चुका है। प्रधान संगठन के ब्लॉक अध्यक्ष धीरेंद्र सिंह राणा, गुणम के प्रधान सज्जन सिंह, मसोली के प्रधान देवेंद्र लाल, पाटी के प्रधान प्रेम सिंह, क्षेत्र पंचायत सदस्य संतोष नेगी, तोणजी के प्रधान मुकेश नेगी, जौरासी के प्रधान विनोद लाल, कांडई चंद्रशिला के प्रधान नवीन राणा आदि ने जिलाधिकारी को ज्ञापन भेजकर शीघ्र सड़क के सुधारीकरण की मांग की है।
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सड़क सुरक्षा को लेकर लगातार जागरूकता और चेकिंग अभियान चलाया जा रहा है। वाहनों में ओवर लोडिंग को रोकने के लिए जगह-जगह चेकिंग अभियान चलाया जा रहा है। सड़क सुरक्षा के लिए संबंधित विभागों के अधिकारियों को निर्देश दे दिए गए हैं।
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हिमांशु खुराना, डीएम, चमोली
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