मूलीचौंरी के ग्रामीणों की सड़क की मांग को जब सरकार ने नहीं सुना तो ग्रामीण खुद ही कुदाल, बेलचा, सब्बल उठाकर सड़क निर्माण में जुट गए। गुस्साए ग्रामीणों ने कहा कि मुख्यमंत्री, डीएम से लेकर विधायक तक सड़क निर्माण की मांग कर चुके हैं लेकिन इस ओर ध्यान नहीं दिया गया। अब श्रमदान कर खुद ही दो किमी तक सड़क का निर्माण किया जाएगा।
पुडियाणी के ग्राम प्रधान सुदर्शन नेगी और यूकेडी नेता उमेश खंडूड़ी ने बताया कि कर्णप्रयाग-नौटी मार्ग पर स्थित ओखलीगैर से मूलीचौंरी तक दो किमी सड़क का निर्माण ग्रामीण श्रमदान कर कर रहे हैं। सड़क निर्माण शुरू करने से पहले मांग के समर्थन में यूकेडी नेता उमेश खंडूड़ी ने 48 घंटे का उपवास रखा, लेकिन अधिकारियों ने इस ओर कोई ध्यान नहीं दिया। ग्रामीणों ने कहा कि गांव में सड़क न होने से मुख्य सड़क से अपने मकानों तक जाने में दो किलोमीटर पैदल चलना पड़ता है। साथ ही राशन, सिलिंडर समेत जरूरी सामान पीठ पर लादकर लाना पड़ता है। जंगल का रास्ता होने के चलते आवाजाही में जंगली जानवरों का डर बना रहता है। अगर यह सड़क बनती है तो आसपास के तोकों के 600 से अधिक लोगों को इसका फायदा मिलेगा।