देवाल के पलबरा मोटर मार्ग पर श्रमदान करते मेलिमंडा के ग्रामीण।
- फोटो : amar ujala.
खेता मोटर मार्ग से पलबरा और मेलमिंडा गांवों के लिए बन रही सड़क के विवादित हिस्से में मेलमिंडा के ग्रामीणों ने श्रमदान से सड़क निर्माण शुरू कर दिया है। ग्रामीणों का कहना है कि विभागीय अफसरों से वार्ता, लिखित शिकायत और ज्ञापनों के बावजूद जब लोनिवि ने यहां सड़क निर्माण कार्य शुरू नहीं किया तो ग्रामीणों को खुद सड़क निर्माण के लिए आगे आना पड़ा।
खेता मोटर मार्ग में रैन गांव से पलबरा, मेलमिंडा और सवाड़ गांव के तीन से अधिक तोकों के लिए सड़क निर्माण किया जा रहा है।
करीब तीन किमी सड़क कटने के बाद सड़क निर्माण का मलबा रैन गांव में गिरने से विवाद खड़ा हो गया। रैन गांव के ग्रामीणों ने आंदोलन कर सड़क निर्माण का मलबा गांव में न गिराने की बात कही, जिससे विवादित स्थल पर काम बंद हो गया। विवादित स्थल से आगे पांच किमी सड़क की कटिंग हो चुकी है लेकिन रैन गांव के ठीक ऊपर 200 मीटर सड़क का निर्माण नहीं हो पाया। प्रधान जानकी देवी, सरपंच बलवंत सिंह ने बताया कि रैन गांव के ग्रामीणों की शिकायत के बाद यहां विभाग ने वायरक्रेट लगाकर सड़क निर्माण करने की बात कही थी, लेकिन एक माह बाद भी जब सड़क निर्माण का काम शुरू नहीं हुआ तो मेलमिंडा के डेढ़ सौ से अधिक ग्रामीणों ने श्रमदान कर सड़क बनाना शुरू कर दिया।
इस मामले में एसडीएम सीएस डोभाल का कहना है कि विवादित स्थल पर वायरक्रेेट लगाने के निर्देश लोनिवि को दिए गए थे। वायरक्रेट नहीं लगे तो मामले में शीघ्र कार्रवाई होगी। दूसरी ओर लोनिवि के अधिशासी अभियंता एसके पांडे ने कहा कि विभाग की ओर से 36 लाख का इस्टीमेट शासन को भेजा गया था, लेकिन स्वीकृत नहीं हुआ। विभाग धनराशि मिलने पर ही वायरक्रेट लगा पाएगा।